अमेरिका-ईरान तनाव फिर भड़का, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी हमला; ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

(न्यूज़लाइवनाउ-USA) अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ हफ्तों से बनी अपेक्षाकृत शांति एक बार फिर टूट गई है। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर मौजूद दो रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाया। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य के बेहद संवेदनशील इलाके में की गई, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह ईरान पर करीब एक महीने बाद की गई पहली प्रत्यक्ष अमेरिकी सैन्य कार्रवाई है। 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता के अनुसार, अमेरिकी बलों ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की गतिविधियों पर नजर रखी थी। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि वहां मौजूद सैनिक रॉकेट के जरिए समुद्री बारूदी सुरंगें यानी सी-माइंस होर्मुज जलडमरूमध्य में तैनात करने की तैयारी कर रहे थे। अमेरिका ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग से समुद्री सुरंगों को हटाने का अभियान पूरा किया था। 

लारक द्वीप पर क्यों हुआ हमला?

लारक द्वीप ईरान के दक्षिणी हिस्से में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद अहम है। यहां से गुजरने वाले समुद्री मार्ग में किसी भी तरह की बाधा पैदा होने पर तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। अमेरिका का कहना है कि ईरानी लॉन्चरों से होने वाली संभावित माइनिंग को रोकना जरूरी था, क्योंकि इससे जहाजों की आवाजाही के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। 

ईरान ने जताया कड़ा विरोध

अमेरिकी हमले के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने तीखी प्रतिक्रिया दी। ईरानी पक्ष ने हमले को गंभीर उकसावे के रूप में देखा और सैन्य तथा आर्थिक स्तर पर जवाब देने की चेतावनी दी। ईरानी मीडिया के मुताबिक, हमले में सैन्यकर्मियों और नागरिकों के हताहत होने की भी बात सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग पक्षों के दावों में अंतर है।

ईरान का पलटवार, अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें

लारक द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी कदम उठाया। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी टकराव को एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर ला दिया है। 

होर्मुज पर बढ़ा वैश्विक खतरा

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां सैन्य गतिविधियां बढ़ने से केवल अमेरिका और ईरान ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल बाजार पर भी असर पड़ सकता है। अमेरिकी हमले के बाद तेल की कीमतों में तेजी देखी गई और बाजार में आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं उभरीं। 

फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका इसे समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए की गई सीमित और सटीक कार्रवाई बता रहा है, जबकि ईरान ने इसे अपने खिलाफ आक्रामक कदम करार दिया है। ऐसे में आशंका है कि आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

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