(न्यूज़लाइवनाउ-India) बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम प्रणाली के कारण निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनने लगी है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, जबकि एहतियात के तौर पर हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। शुरुआत में इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन मौसम विभाग ने स्पष्ट किया कि यह प्रणाली चक्रवात में तब्दील नहीं हुई। यदि यह चक्रवाती तूफान बनता, तो इसे ‘अर्नब’ नाम दिया जाता।
ओडिशा में 8 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
ओडिशा के दक्षिणी जिलों में लगातार बारिश के चलते प्रशासन ने निचले और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से 8 हजार से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। कई क्षेत्रों में पेड़ उखड़ने, मकानों को नुकसान पहुंचने, सड़कों पर पानी भरने और रास्ते बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं।
मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। नबरंगपुर में अत्यधिक बारिश को लेकर रेड अलर्ट दिया गया, जबकि बरगढ़, नुआपाड़ा, बोलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट और मलकानगिरी समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया।
मलकानगिरी में हालात ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग-326 पर कई निचले पुलों के ऊपर कई फीट तक पानी बहने लगा, जिससे मलकानगिरी-मोटू मार्ग पर यातायात बाधित हुआ। कुछ इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ और बड़ी संख्या में वाहन रास्ते में फंस गए।
रेल और सड़क यातायात पर असर
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण ओडिशा में रेल परिचालन भी प्रभावित हुआ। मालिगुड़ा और छतरिपुट रेलवे स्टेशनों के बीच भूस्खलन के चलते कुछ ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग और परिचालन में बदलाव किया गया। प्रशासन ने प्रभावित हिस्सों में बहाली का काम शुरू किया।
बारिश को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय भी लिया गया। नबरंगपुर, कालाहांडी, गजपति, कोरापुट और रायगड़ा में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने की घोषणा की गई।
आंध्र प्रदेश में भी बिगड़े हालात
आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई सड़कों पर पानी भरने से आवागमन मुश्किल हो गया, वहीं तेज बारिश के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं।
विशाखापट्टनम में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कोय्यालागुडेम, भीमुनिपट्टनम, काकीनाडा और पेड्डापुरम में भी भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ जिलों में आगे भी तेज बारिश की संभावना जताई है।
तटीय आंध्र और यनम क्षेत्र में तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
लगातार खराब मौसम को देखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश सरकारों ने प्रशासनिक मशीनरी को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी अधिकारियों के साथ मौसम की स्थिति की समीक्षा कर प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
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