दिल्ली मेट्रो में सीट को लेकर खूनी संघर्ष, 48 वर्षीय यात्री की मौत; पूर्व IAS अधिकारी और वकील बेटा गिरफ्तार

(न्यूज़दलाइवनाउ-Delhi) दिल्ली मेट्रो में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक यात्री की मौत का कारण बन गया। इस मामले में पुलिस ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सीट को लेकर हुई कहासुनी के दौरान पिता-पुत्र ने 48 वर्षीय पवन शर्मा के साथ मारपीट की, जिसके बाद उनकी जान चली गई। दोनों आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

मंडी हाउस स्टेशन से शुरू हुआ विवाद

पुलिस के मुताबिक, घटना 8 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 5:47 बजे की है। पवन शर्मा अपनी 65 वर्षीय मां दुर्गा देवी के साथ मेट्रो से यमुना विहार जा रहे थे। इसी दौरान मंडी हाउस स्टेशन पर नोएडा निवासी संजय प्रताप सिंह और उनका 36 वर्षीय बेटा सिद्धार्थ सिंह ट्रेन में सवार हुए।

उस समय पवन शर्मा और उनकी मां वरिष्ठ नागरिकों के लिए निर्धारित सीटों पर बैठे थे। सीट को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

थप्पड़ मारने और धक्का देने का आरोप

पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान पवन शर्मा को कथित तौर पर थप्पड़ मारा गया और धक्का दिया गया। इसके बाद वह गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर पहुंचने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए।

घटना की सूचना मिलने पर मेट्रो कर्मचारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। पवन शर्मा को लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह निजी क्षेत्र में कार्यरत थे।

मां के बयान पर दर्ज हुई एफआईआर

मेट्रो पुलिस को घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। मृतक की मां दुर्गा देवी के बयान के आधार पर 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह की भूमिका की पड़ताल की। जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

कौन हैं गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र?

पुलिस के मुताबिक, 65 वर्षीय संजय प्रताप सिंह सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं और नोएडा के सेक्टर-44 में रहते हैं। उनका 36 वर्षीय बेटा सिद्धार्थ सिंह पेशे से वकील है और नोएडा के सेक्टर-50 का निवासी बताया गया है। संजय प्रताप सिंह का नाम इससे पहले भी एक कथित भ्रष्टाचार मामले में सामने आ चुका है, जिसमें उनकी गिरफ्तारी हुई थी।

मौत की परिस्थितियों की जांच जारी

पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच के तहत विवाद की वजह, मारपीट के दौरान हुई घटनाओं और पवन शर्मा को लगी चोटों का उनकी मौत से संबंध स्पष्ट किया जा रहा है। घटना के समय ट्रेन में मौजूद यात्रियों और मेट्रो कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

सीट को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब गंभीर आपराधिक मामले में बदल चुका है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

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