स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन का भारत में भव्य स्वागत, पीएम मोदी से अहम मुद्दों पर होगी बातचीत

(न्यूज़लाइवनाउ-New Delhi) स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन सोमवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर आए पार्मेलिन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक और भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

पार्मेलिन की यह यात्रा 5 से 7 अक्टूबर तक चलेगी। उनके साथ स्विट्जरलैंड के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा कारोबारी क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों का उच्चस्तरीय दल भी भारत आया है। यह भारत की उनकी पहली राजकीय यात्रा है, जबकि वर्ष 2026 में वह दूसरी बार देश पहुंचे हैं। इससे पहले फरवरी में उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लिया था।

पीएम मोदी के साथ कई अहम विषयों पर चर्चा

भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेता व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, आवागमन, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की स्थिति की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम तथा बहुपक्षीय मंचों पर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सहयोग को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

भारत-ईएफटीए समझौते की पहली वर्षगांठ भी खास

पार्मेलिन की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) को लागू हुए एक वर्ष पूरा हो रहा है। यह समझौता 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ था। ईएफटीए में स्विट्जरलैंड के साथ आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे शामिल हैं।

7 अक्टूबर को पार्मेलिन दूसरे भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईएफटीए देशों में स्विट्जरलैंड भारत का प्रमुख व्यापार और निवेश साझेदार है। ऐसे में उनकी यात्रा को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई गति देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रपति मुर्मू और जयशंकर से भी मुलाकात

स्विस राष्ट्रपति अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भी पार्मेलिन से मुलाकात प्रस्तावित है।

पार्मेलिन ने भारत पहुंचने के बाद दोनों देशों के संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से कायम साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और आपसी सम्मान को रिश्तों की मजबूत नींव बताया।

कुल मिलाकर, स्विस राष्ट्रपति का यह दौरा केवल राजनयिक संपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार, निवेश, तकनीक, नवाचार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

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