देवी अहिल्या विवि के UTD में ABVP ने बाजी मारी

इंदौर।यूनिवर्सिटी के साथ सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव के लिए सोमवार सुबह आठ बजे से शुरू हुई वोटिंग दो घंटे चली। 20 से ज्यादा कॉलेजों में हुए चुनाव में दोनों छात्र संगठन एनएसयूआई और एबीवीपी में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। देवी अहिल्या विवि के UTD में ABVP ने बाजी मार ली है।यहां दक्षता गढ़वाल अध्यक्ष,मोनिका खिची उपाध्यक्ष,सिमरन कोर सहसचिव और प्रतीक मूलचंदानी सचिव चुने गए।

– सुबह 8 बजे से शुरू हुई वोटिंग के लिए अलसुबह से ही कॉलेजों के बाहर हलचल शुरू हो गई थी। सात बजते-बजते गेट के बाहर लंबी कतार लग गई। इस दौरान पुलिस अधिकारी भी दल-बल के साथ पूरे समय मौके पर मौजूद रहे।
– एनएसयूआई प्रवक्ता महक नागर और टंटू शर्मा के अनुसार वोटिंग से ठीक एनएसयूआई ने अपने 50 से ज्यादा सीआर को बसों में कॉलेजों तक पहुंचाया गया।
– मिली जानकारी अनुसार इन सभी सीआर प्रत्याशियों को कहा गया है कि वे जीतने के बाद एबीवीपी के दबाव में न अाएं। अगर कोई किसी पदाधिकारी के पक्ष में वोट देने के लिए दबाव बनाता है तो सीधे फोन पर संगठन को इसकी सूचना दें।
मतगणना आधे घंटे बाद
– सुबह 8 से 10 बजे तक मतदान हुआ और फिर आधे घंटे में मतगणना शुरू हो गई। दोपहर 12 से 1 बजे के बीच जीते हुए प्रतिनिधि पदाधिकारी के लिए नामांकन भरा। दोपहर 3.30 से 4.30 तक पदाधिकारियों के लिए वोटिंग हुई। अब रिजल्ट के बाद शपथ-ग्रहण होगा।
यूनिवर्सिटी- सारे विभागों के लिए एक ही अध्यक्ष-उपाध्यक्ष
– तक्षशिला परिसर के आईआईपीएस, आईएमएस, स्कूल ऑफ लॉ, कम्प्यूटर साइंस, आईईटी सहित 27 टीचिंग विभागों में सीआर तो हर कक्षा के अलग-अलग चुने गए। लेकिन पूरे कैंपस में एक ही प्रेसीडेंट और एक-एक ही अन्य पदाधिकारी चुने जाएंगे। हर विभाग के सीआर मिलकर पदाधिकारियों के लिए वोट करेंगे।
5 विभाग व 2 कॉलेजों पर रही निगाहें, यही सबसे ज्यादा संवेदनशील
– यूनिवर्सिटी के पांच विभाग आईआईपीएस, आईएमएस, ईएमआरसी, स्कूल ऑफ लॉ और कम्प्यूटर साइंस के साथ होलकर कॉलेज और जीएसीसी को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया था। इसलिए यहां पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
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