“महिला टी वी एंकर बांधे स्कार्फ, या पहनें बुरका” !, देवबंद ने निकाला घिनौना फ़तवा !
आये दिन अपने नए नए फतवों से जब इस्लामिक संस्था दारुल उलूम कभी नाखून पोलिश को हराम बता रहा था
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : दारुल उलूम देवबंद के अनुसार टी वी पर खबर पढ़ने के लिए आने वाली महिला एंकरों को बाल खुले रखना हराम है और वो इनको छिपाने के लिए अपने बालों को बांधने के बाद स्कार्फ पहन कर ही समाचार पढ़ने आया करें।। इस से पहले खाप पंचायतों के लड़कियों के लिए एहतियातन उठाये जाने वाले कदमों पर लगातार बहस होती रही है पर इस मुद्दे पर कई लोग खामोश हो कर इनको मूक समर्थन व मूक सहमति देते प्रतीत हो रहे हैं ।साथ ही इस पर नारी सम्मान की दुहाई देने वाले बड़े बड़े समूह भी खामोश नजर आ रहे हैं ।अभी कुछ समय पहले ही महिला व पुरुष को साथ न खाना खाने के फरमान के बाद चर्चा में आये देवबंद को राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोटिस भी जारी किया था लेकिन उसके बाद भी देवबंद ने ये दिखाते हुए की उसको कोई फर्क नही पड़ा, ये नया फ़तवा महिलाओं के लिए जारी कर दिया जिसमें लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रुप में मानी जाने वाली महिला पत्रकार भी शामिल हैं।देवबंद के मुफ्ती अहमद ने मुस्लिम महिलाओं के लिए बयान दिया है कि टीवी पर जो मुस्लिम महिलाएं एंकरिंग या रिपोर्टिंग कर रही हैं, उन्हें स्कार्फ बांधकर काम करना चाहिए।इस से उनके बाल खुले नहीं रहेंगे, बेहतर होगा कि वे बुर्के का इस्तेमाल करें। दारूल उलूम देवबंद ने अपने फतवे में कहा है कि शरीयत ने सभी औरत और मर्दों को इजाजत दी है कि वह कोई भी जायज रोजगार कर सकते हैं। घर की जरूरत पूरी करने के लिए अपने अहले खाना की जरूरत पूरी करने के लिए सब तरह के काम कर सकते हैं। इसमें कोई हर्ज नहीं है। इसमें कहा गया है कि टीवी पर एंकरिंग करने के लिए बेहतर तरीका इस्लाम की शरीयत ने बताया है।