चक्रवात ‘अर्नब’ से ओडिशा में तबाही, गंजाम-गजपति में हजारों लोग फंसे; हेलीकॉप्टर से गिराए जाएंगे खाने के पैकेट
(न्यूज़लाइवनाउ-Odisha) ओडिशा में चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। खासकर गंजाम और गजपति जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। लगातार बारिश और नदियों के उफान पर आने से हजारों लोग 24 घंटे से ज्यादा समय से बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। जिन इलाकों तक सड़क या नाव के जरिए पहुंचना मुश्किल हो रहा है, वहां हेलीकॉप्टरों की मदद से भोजन के पैकेट पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जताई भारी बारिश पर चिंता
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गंजाम और गजपति में अप्रत्याशित रूप से हुई भारी बारिश पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक में बताया कि चक्रवात से निपटने की तैयारियों के दौरान प्रशासन को आशंका थी कि मलकानगिरी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है। हालांकि, गंजाम में इतनी भीषण बारिश और बाढ़ आने का अनुमान नहीं था।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, गंजाम जिले के पात्रापुर ब्लॉक में महज 24 घंटे के भीतर 54 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा आसपास के कई क्षेत्रों में भी अत्यधिक वर्षा हुई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने भी स्थिति की गंभीरता बताते हुए कहा कि गंजाम में एक दिन के दौरान हुई बारिश का आंकड़ा वहां की सालाना औसत वर्षा से भी अधिक रहा।
बचाव दलों के लिए भी चुनौती बना तेज बहाव
मुख्य सचिव के अनुसार, बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बह रहा है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) के जवान भी कई प्रभावित स्थानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में भारतीय तटरक्षक बल से मदद मांगी गई है। तटरक्षक बल को फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और दुर्गम क्षेत्रों में खाद्य सामग्री गिराने की जिम्मेदारी दी गई है।
ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि गंजाम जिले में बाढ़ से करीब 50 हजार लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता इन लोगों तक जल्द से जल्द भोजन और पीने का पानी पहुंचाना है।
21 स्थानों पर हेलीकॉप्टर से पहुंचाया जाएगा खाना
सरकार ने गंजाम जिले में 21 ऐसे स्थान चिह्नित किए हैं, जहां सड़क या अन्य माध्यमों से राहत सामग्री पहुंचाना संभव नहीं है। इन क्षेत्रों में रक्षा बलों के हेलीकॉप्टरों के जरिए भोजन के पैकेट गिराए जाएंगे।
मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि बीते 12 घंटों में बारिश की तीव्रता कम हुई है। इसके बाद NDRF और ODRAF की टीमें बाढ़ में घिरे लोगों तक पहुंचकर पका हुआ भोजन वितरित करने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि पानी का बहाव इतना प्रचंड था कि आधुनिक नावों की मदद से भी लोगों तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा था।
राज्य में कुल 313 बचाव दल तैनात किए गए हैं। इनमें से 100 से अधिक टीमें गंजाम और गजपति जिलों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी किया हवाई निरीक्षण
चक्रवात से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी मोर्चा संभाला है। अपने क्षेत्रीय दौरे के दूसरे दिन उन्होंने मोगलथुरु का दौरा किया और प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भारी बारिश के कारण हुए नुकसान की स्थिति का आकलन किया।
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