– अरविंद केजरीवाल ने कहा- “ईवीएम में अगल-अलग बटन दबाने पर कमल का निशान ही आ रहा था। हम बार-बार कह रहे हैं कि ईवीएम में गड़बड़ी की जा रही है। इस बार चुनावों से पहले भी असम और दिल्ली कैंट के इलेक्शन में भी बीजेपी ने घोटाला किया। जब भी खराबी होती है तो बीजेपी के लिए क्यों होती है। हमारे लिए या सपा के लिए तो नहीं हुई।”– मायावती ने यूपी इलेक्शन में हार के बाद कहा था कि चुनाव जनता ने नहीं, ईवीएम ने हराया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 325 सीट जीतकर भी बनावटी मुस्कराहट से साफ होता है कि चुनाव धांधली कराकर जीता है।
– उत्तराखंड में हार के बाद हरीश रावत ने कहा था कि मोदी क्रांति और ईवीएम के चमत्कार को सलाम करता हूं।
– वहीं, केजरीवाल ने कहा था, ”पंजाब में AAP का 20 से 25% वोट ईवीएम के जरिए अकालियों को ट्रांसफर हो गया। मेरा मानना है कि हम जीत रहे थे और ईवीएम में गड़बडी के असली कारण क्या थे, इसका मुझे पता नहीं है। अगर ईवीएम में गड़बड़ी की जाती है तो चुनावों का क्या मतलब। हमें पंजाब में सत्ता से बाहर रखने के लिए सारा खेल किया गया।”
– EVM विवाद के बाद इलेक्शन कमीशन ने कहा था कि मशीन को 2 बार चेक किया जाता है। उसे कैंडिडेट के सामने जांचा और सील किया जाता है। काउंटिंग से पहले भी ईवीएम को कैंडिडेट्स के सामने खोला जाता है।
– बता दें कि 1980 में इलेक्शन कमीशन ने राजनीतिक दलों को EVM दिखाई थी। लेकिन 24 साल बाद 2004 के लोकसभा चुनाव में इसका पूरे देश में इस्तेमाल शुरू हो सका।