(न्यूज़लाइवनाउ-India) रेखा गुप्ता द्वारा आज दिल्ली विधानसभा में बजट पेश किए जाने को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बजट सत्र शुरू होने से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
दिल्ली सरकार का यह नया बजट वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किया जा रहा है। इससे पहले विधानसभा का सत्र पारंपरिक तरीके से शुरू हुआ और आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया गया। हालांकि, बजट पेश होने से पहले ही आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि उनके कुछ विधायकों को निलंबित किया गया है, जो पूरी तरह से गलत और लोकतंत्र के खिलाफ है।
AAP का विरोध
AAP नेताओं ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया और निलंबित विधायकों की बहाली की मांग की। पार्टी ने चेतावनी दी कि जब तक यह फैसला वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर सकते हैं।
विपक्ष का कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि सत्ता पक्ष का आरोप है कि AAP पहले भी सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालती रही है।
बजट से जुड़ी अहम बातें
- यह बजट राजधानी के विकास, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण योजनाओं पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।
- इससे पहले सरकार ने अलग-अलग वर्गों—जैसे छात्रों, व्यापारियों, महिलाओं और श्रमिकों—से सुझाव लेकर बजट तैयार किया है।
- पिछले साल का बजट काफी बड़ा था, इसलिए इस बार भी बड़े ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली का यह बजट सिर्फ आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव का मंच भी बन गया है। एक तरफ सरकार अपनी योजनाओं को पेश करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष विरोध के जरिए दबाव बनाने में जुटा है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि बजट पर चर्चा कितनी सुचारू रूप से हो पाती है और इसमें क्या बड़े फैसले सामने आते हैं।
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