मशहूर फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता का निधन, 57 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा; ‘कांटे’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ से बनाई थी खास पहचान

(न्यूज़लाइवनाउ-India) बॉलीवुड फिल्म जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्माता और निर्देशक संजय गुप्ता का निधन हो गया है। उन्होंने 30 अक्टूबर को अंतिम सांस ली। उनके अचानक चले जाने की खबर से हिंदी सिनेमा जगत में शोक का माहौल है। संजय गुप्ता अपनी दमदार एक्शन फिल्मों, अपराध पर आधारित कहानियों और अलग तरह की फिल्म निर्माण शैली के लिए पहचाने जाते थे। ‘आतिश’, ‘कांटे’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई थी।

घर पर हादसे के बाद हुआ निधन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 57 वर्षीय संजय गुप्ता की मौत घर पर सिर में गंभीर चोट लगने के कारण हुई। बताया जा रहा है कि वह रात के समय अपने बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे। फिल्म निर्माता और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की पुष्टि की।

अशोक पंडित ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में इस खबर पर गहरा दुख जताया। उन्होंने संजय गुप्ता को अपना करीबी दोस्त बताते हुए लिखा कि उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री ने एक प्रतिभाशाली और जुनूनी फिल्मकार खो दिया है। उन्होंने दिवंगत निर्देशक को जीवंत व्यक्तित्व और बेहतरीन कहानीकार के रूप में याद किया। साथ ही उनके परिवार और करीबियों के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त कीं। अंतिम संस्कार की जानकारी बाद में साझा किए जाने की बात कही गई है।

जन्मदिन के कुछ ही दिन बाद जिंदगी का सफर हुआ समाप्तसंजय गुप्ता का जन्म 23 अक्टूबर 1969 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने इसी महीने अपना 57वां जन्मदिन मनाया था। जन्मदिन के महज एक सप्ताह बाद उनके निधन की खबर ने प्रशंसकों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों को स्तब्ध कर दिया है।

तीन दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर में उन्होंने कई यादगार फिल्मों का निर्देशन और निर्माण किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘आतिश’, ‘राम शास्त्र’, ‘जंग’, ‘खौफ’, ‘कांटे’, ‘जिंदा’, ‘मुसाफिर’, ‘जज्बा’, ‘दस कहानियां’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ शामिल हैं। वहीं, उन्होंने ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘प्लान’, ‘वुडस्टॉक विला’, ‘एसिड फैक्ट्री’ और ‘पंख’ जैसी फिल्मों के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाई।

संजय दत्त के साथ रही खास फिल्मी साझेदारी

निर्देशक संजय गुप्ता और अभिनेता संजय दत्त की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कई चर्चित फिल्में दीं। दोनों ने साथ मिलकर ‘कांटे’ (2002), ‘मुसाफिर’ (2004), ‘जिंदा’ (2006) और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ (2007) जैसी फिल्मों में काम किया।

गुप्ता की फिल्मों में तेज रफ्तार एक्शन, गैंगस्टर की दुनिया, अपराध की पेचीदा कहानियां और महानगरीय जीवन की स्याह तस्वीर देखने को मिलती थी। उनका निर्देशन करने का अंदाज दूसरे फिल्मकारों से काफी अलग था। यही वजह रही कि एक्शन और क्राइम थ्रिलर फिल्मों के शौकीनों के बीच उनकी खास लोकप्रियता बनी रही।

फिल्मों के साथ बाइक राइडिंग का भी था जुनून

सिनेमा के अलावा संजय गुप्ता को महंगी और आकर्षक मोटरसाइकिलों का भी खास शौक था। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर बाइक राइडिंग से जुड़ी कई तस्वीरें देखने को मिलती थीं। वह अक्सर अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल पर लंबी सैर के लिए निकलते थे।

पिछले साल अक्टूबर में भी उन्होंने एक नई बाइक खरीदी थी और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। उस समय उन्होंने नई मोटरसाइकिल मिलने की खुशी जाहिर करते हुए बताया था कि एक बाइक प्रेमी के लिए नई बाइक घर आने का उत्साह किसी नए सदस्य के आने जैसा होता है।

संजय गुप्ता के निधन से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे निर्देशक को खो दिया है, जिसने एक्शन और अपराध आधारित फिल्मों को अपनी विशिष्ट शैली से अलग पहचान दिलाई। उनके काम और फिल्मों के जरिए दर्शक उन्हें हमेशा याद रखेंगे।

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