आधार का टोलफ्री नंबर फोन पर दर्ज होना थी गूगल की गलती।
शुक्रवार की सुबह अचानक स्मार्टफोन उपयोग करने वाले हजारों लोगों को फोन बुक चेक करने पर उसमें खुद ही सुरक्षित हो गया यूआईडीएआई के नाम से 11 अंक का नंबर दिखाई दिया।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : हजारों स्मार्ट फोन में डिफॉल्ट नंबर के तौर पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का टोल फ्री नंबर दर्ज होने से शुक्रवार को पूरा दिन मची रही खलबली में देर रात सारी गलती गूगल की निकली। दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक गूगल ने इसके लिए माफी मांगी और कहा कि अनजाने में यूआईडीएआई के पुराने टोल फ्री नंबर 18003001947 समेत 112 अन्य हेल्पलाइन नंबर एंड्रॉयड फोन के ‘सेटअप विजार्ड’ में दर्ज हो गए थे। बता दें कि गूगल ही मोबाइल फोन के लिए एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम बनाती है। इससे पहले शुक्रवार सुबह यूआईडीएआई को इस बारे में अपना स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा था। शुक्रवार की सुबह अचानक स्मार्टफोन उपयोग करने वाले हजारों लोगों को फोन बुक चेक करने पर उसमें खुद ही सुरक्षित हो गया यूआईडीएआई के नाम से 11 अंक का नंबर दिखाई दिया। कुछ लोगों ने ट्विटर पर यूआईडीएआई से स्पष्टीकरण मांगने की कोशिश की और इसी दौरान कुछ लोगों ने इसे फोन हैक होने का नतीजा बता दिया। इसके बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि यूआईडीएआई ने ट्विटर पर जारी बयान में कहा कि 18003001947 उसका ही पुराना टोल फ्री नंबर है, जो अब बंद हो चुका है। अब यूआईडीएआई का टोल फ्री नंबर 1947 है, जो पिछले दो साल से काम कर रहा है। । शुक्रवार को जैसे ही सोशल मीडिया पर यह मुद्दा वायरल होने लगा तो अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की और पाठकों को सही जानकारी दी कि यह नंबर यूआईडीआई की वजह से नहीं बल्कि गूगल की वजह से आपके फोन में सेव हो गया है।