कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हिमाचल में इन्हें चुना नेता प्रतिपक्ष..

(न्यूज़ लाइव नाउ) : हिमाचल में पांच साल सत्ता में रहने के बाद विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने आखिर लंबी माथापच्ची के बाद नेता प्रतिपक्ष के नाम पर मुहर लगा ही दी। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने वीरभद्र सिंह के करीबी और ऊना के हरोली से चौथी बार विधायक बने मुकेश अग्निहोत्री के नाम को नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है। मुकेश वीरभद्र सरकार में उद्योग मंत्री थे। वीरवार को शिमला में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सिंगल लाइन प्रस्ताव पारित कर नेता प्रतिपक्ष का फैसला राहुल गांधी पर छोड़ दिया था। एआईसीसी के महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने मुकेश अग्निहोत्री को नेता प्रतिपक्ष बनाने की पुष्टि कर दी है।



विधानसभा चुनाव में 68 में से 21 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर लंबे समय से मंथन चल रहा था। अधिकतर विधायक वीरभद्र सिंह को नेता प्रतिपक्ष बनाने के पक्ष में थे।
बैठक में नहीं बन पाई थी सहमति

उन्होंने इसको लेकर हाईकमान को पत्र भी भेजा था। लेकिन कांग्रेस का एक खेमा इसके पक्ष में नहीं था। नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर वीरवार को शिमला में पार्टी के प्रदेश प्रभारी सुशील शिंदे की मौजूदगी में हुई बैठक में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई।

तमाम कोशिशों के बावजूद किसी एक नाम पर सहमति न बनने के चलते बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि राहुल गांधी जिसका भी नाम तय करेंगे वह उन्हें मान्य होगा। समर्थन होने के बावजूद राहुल गांधी ने 83 साल के वीरभद्र सिंह पर दांव नहीं खेला है।




वीरभद्र सिंह खुद भी कह चुके हैं कि वे अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे। ऐसे में उन्होंने वीरभद्र सिंह को भी नाराज नहीं किया और उनके ही करीबी 55 साल के मुकेश अग्निहोत्री को नेता प्रतिपक्ष बनाने का फैसला लिया है। नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में सुखविंद्र सुक्खू, रामलाल ठाकुर, आशा कुमारी और हर्षवर्धन चौहान भी थे।

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