सरकार ने कृत्रिम अंग वाले विमान यात्रियों को सुरक्षा जांच के दौरान होने वाली असुविधाओं से बचाने के लिए इस संबंध में नियमों का मसौदा जारी किया है.
ऐसे कई मामले सामने आते हैं जिनमें शिकायत की जाती है कि यात्रियों के कृत्रिम अंग सुरक्षा जांच के दौरान अलग कर दिये जाते हैं. नागर विमानन मंत्रालय ने विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद यह मसौदा तैयार किया है.
मसौदे के अनुसार, ‘‘बिना फोम पैडिंग कवर वाले ऐसे कृत्रिम अंग जिनमें हथियार या विस्फोटक पदार्थ छिपाना संभव नहीं या ऐसे अंग जिनमें इस्पात की छड़ स्पष्ट देखी जा सकती हो, इन्हें बिना हटाये विस्फोटक पहचान करने वाली जांच या देखकर जांचा जा सकता है.’’ मंत्रालय के अनुसार, कुछ मामलों में एक्सरे जांच से छूट दी जा सकती है. ऐसे मामलों में कृत्रिम अंगों की एक्सरे जांच से छूट दी जाने की वजह को जांचकर्ता द्वारा दर्ज किया जाएगा.