गृहमंत्री राजनाथ सिंह : रोहिंग्या शरणार्थियों को पहचान कर उनका बॉयोमीट्रिक डिटेल केंद्र को सौंपे
राजनाथ यहां राज्यों की सुरक्षा व्यवस्था और माओवादियों की ताजा स्थिति पर भी बात की
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रोहिंग्या शरणार्थियों के बारे में कहा कि इन्हें पहचान कर इनका बॉयोमीट्रिक विवरण बना कर केंद्र को सौंपे। सोमवार को केंद्रीय मंत्री पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक कर रहे थे। इस बैठक में सिंह ने राज्यों को निर्देश दिया कि भारत में रह रहे इन शरणार्थियों को पहचान कर उनका बॉयोमीट्रिक विवरण केंद्र सरकार को दें। राज्यों से मिले विवरण के अनुसार केंद्र एक रिपोर्ट बना कर इसे म्यांमार सरकार को सौंपेगा।केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में सोमवार को राज्य सचिवालय में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक हुई। इस दौरान पूर्वी राज्यों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। राजनाथ यहां राज्यों की सुरक्षा व्यवस्था और माओवादियों की ताजा स्थिति पर भी बात की। बैठक राज्य सचिवालय नबान्न में सुबह 11 बजे शुरू हुुुई। इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी व बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद, केंद्रीय गृह सचिव सहित ओडिशा के प्रतिनिधियों उपस्थित रहे।बैठक में रोहिंग्या और बांग्लादेश से घुसपैठ, नशीली दवाओं और फर्जी करेंसी की सीमा पार से तस्करी सहित अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, व ओड़िशा के कई मुद्दों पर बातचीत हुई। इनमें से कई मुद्दों पर राज्यों के बीच आजतक सहमति नहीं बन पायी है। उल्लेखनीय है कि बिहार बंटवारे के बाद बिहार और झारखंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे डेयरी प्रोजेक्ट, राज्य सहकारिता बैंक, सैनिक कल्याण निदेशालय, बिहार राज्य वन विकास निगम, बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम तथा पेंशनदेयता आदि के मुद्दों अहम हैं। वहीं पश्चिम बंगाल के साथ झारखंड के मैसेंजोर डैम समस्या भी गंभीर है। इसके पहले केंद्रीय गृहमंत्री ने 7 दिसंबर 2017 को कोलकाता में पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा व मिजोरम के मुख्यमंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिये आने वाले अवैध प्रवासियों और रोहिंग्याओं से विशेष रूप से सतर्क रहने व सीमावर्ती राज्यों को वहां सुरक्षा-व्यवस्था और दुरुस्त करने पर चर्चा हुई थी।जानकारी हो कि उत्तर दिनाजपुर में शिक्षक नियुक्ति के लिए आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिसिया अत्याचार और 2 छात्रों की मौत के मामले ने राज्य की राजनीति में तूल पकड़ लिया है। घटना में मारे गए दोनों छात्रों के पिता आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग करेंगे। मृतक राजेश सरकार व तापस बर्मन के पिता बादल व नीलरतन को लेकर प्रदेश भाजपा की टीम दिल्ली गई है। मृतकों के पिता भाजपा के सांसद एस एस अहलूवालिया और भाजपा नेता मुकुल राय के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात करने के अलावा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से भी मुलाकात कर शिकायत और मुआवजे की मांग करेंगे।