(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली। चीन ने एक तरफ जहां पश्चिमी देशों को आंख दिखाता रहता है और अपनी सेना में दोगुनी बढ़ोत्तरी कर चुका है। वहीं खबर आ रही है कि चीन ने अपनी थल सेना की संख्या को आधा कर दिया है। चीन ने थल सैनिकों की संख्या को 50 प्रतिशत घटा दिया है। बताया जा रहा है कि इस फैसले के पीछे एक नई तरह की रणनीति की बात कही जा रही है। ऐसा बताया जा रहा है कि चीन अपने नेवी और एयरफोर्स को ताकतवर बनाने के लिए ही थल सेना की कम किया जा रहा है। ये भी बताया जा रहा है कि इसतरह के बदलाव पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की तरफ से कहा जा रहा है कि चीन ने 20 लाख की संख्या वाली चीनी मिलिटरी इसकी नेवी, एयर फोर्स और नई रणनीतिक इकाई को मजबूती दे रही है और अपने थल सैनिकों को घटा रहा है। चीनी का कहना है कि चीनी सीमा पर नेवी, एयरफोर्स और मिसाइल यूनिट ज्यादा बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। हवा, स्पेस और साइबरस्पेस के क्षेत्र में आधुनिक वारफेयर से दबदबा पैदा होता है। इससे थल सेना का महत्व कम हो रहा है। पीएलए की शुरुआत 1927 में रेड आर्मी के रूप में हुई थी जो 1949 के सिविल वॉर में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभाई थी और 1950 से 2005 के बीच बड़े उलटफेर में इसने अपना दबदबा दिखाया है। पीएलए के पास 1949 से पहले नेवी नहीं थी और पीएलए रॉकेट फोर्स की स्थापना 1966 में की गई है। डिफेंस वाइट पेपर के मुताबिक, 2013 में पीएलए के कुल 23 लाख कर्मचारी थे, जिसमें से नेवी में 2.35 लाख, एयरफोर्स में 3.98 लाख थे।