(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने के कारण होने वाली मौतों को आंकड़ा बढ़ गया है। रविवार सुबह तक रुड़की, सहारनपुर और कुशीनगर में संयुक्त रूप से 88 लोग जहरीली शराब के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें रुड़की में 31 लोगों की मौत हुई है। वहीं सहारनपुर में 46 और कुशीनगर में 11 लोगों की मौत हुई है। यूपी और उत्तराखंड में करीब 33 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। वहीं यूपी और उत्तराखंड की संयुक्त टीमें जगह–जगह पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को शराब बनाने के मामले में अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि आज शाम तक अवैध शराब बनाने वालों की गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस अवैध शराब तस्करों के खिलाफ भी अभियान चला रही है। वहीं कुशीनगर जहरीली शराब कांड में आईजी के निर्देश पर 47 पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यूपी के आबकारी विभाग और पुलिस की टीमों ने आगरा में अब तक 13 शराब माफियाओं और शराब तस्करों को पकड़ा है। पकड़े गए लोगों में महिलाएं भी हैं। छापेमारी में करीब 60 लीटर कच्ची शराब और 2700 लीटर लहन बरामद किया गया है। बरामद लहन को नष्ट कराया गया। शराब बनाने की 8 भठ्ठियों को जब्त किया गया। वहीं चित्रकूट में पुलिस ने 105 लीटर कच्ची शराब और 83 देशी क्वार्टर के साथ 13 अभियुक्तों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत की कार्रवाई की है। रुड़की और सहारनपुर में हुई मौतों पर उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि गुरुवार को बालूपुर गांव में एक व्यक्ति की ‘तेरहवीं’ पर इन सभी लोगों ने शराब पी थी। मरने वालों में से 24 बालूपुर और इसके निकटवर्ती गांवों के थे। गुरुवार को बालूपुर से शराब पीकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित अपने घर पहुंचे 46 लोगों की भी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 35 मौतें सहारनपुर जिले में ही हुई हैं।
वहीं 11 अन्य लोगों को इलाज के लिए सहारनपुर से मेरठ भेजा गया था, उनकी मौत मेरठ में हुई। शुक्रवार से लेकर अब तक कुछ और लोगों के मरने की रिपोर्ट मिली हैं और यह पता लगाने के लिए उनकी विसरा की जांच की जा रही है कि क्या उनकी मौत का संबंध भी जहरीली शराब से है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि गांव का एक निवासी तेरहवीं पर शराब पिलाने के लिए 30 पाउच शराब संभवत: उत्तराखंड से लाया था। इस मामले में अभी और जानकारी आनी बाकी है और तफ्तीश जारी है। दोनों राज्यों की सरकारों ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को लापरवाही बरतने के लिए निलंबित कर दिया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। दोनों प्रशासनों ने मृतकों के परिवारों को दो–दो लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। इससे पहले सहारनपुर के जिला मजिस्ट्रेट आलोक पांडेय ने कहा कि उनके जिले के नांगल और आसपास के गांवों के निवासी गुरुवार को बालूपुर में शराब पीकर आने के बाद बीमार पड़ गए। शुक्रवार तक हरिद्वार में 16 लोगों की मौत हो गई थी और सहारनपुर में 18 और मौतें हुईं थीं। एक अन्य घटना में इसी हफ्ते पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हुई। उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर और सहारनपुर जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उत्तराखंड में आबकारी विभाग के 13 अधिकारियों और चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। दोनों राज्यों में जहरीली शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया गया है।