जानिए कैसे बनाई जाती थीं हिमाचल में फर्जी डिग्रियां
जांच में पता चला है कि डिग्रियां फर्जी हैं, लेकिन इन पर अंकित नंबर वे हैं जो फेल सर्टिफिकेट पर छात्र को एचपीयू से ही जारी किए थे।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्रियां बनाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस अब तक आरोपियों से 8 फर्जी डिग्रियां बरामद कर चुकी है। तीन डिग्रियों को एचपीयू के पास जांच के लिए भेजा गया था।आरोपी मास्टरमाइंड ने एचपीयू में फेल छात्रों के सीरियल नंबर लेकर फर्जी डिग्रियां बनाई हैं। जांच में पता चला है कि डिग्रियां फर्जी हैं, लेकिन इन पर अंकित नंबर वे हैं जो फेल सर्टिफिकेट पर छात्र को एचपीयू से ही जारी किए थे।डिग्री पर रजिस्ट्रेशन नंबर, स्टैंप और साइन एचपीयू के ही हैं, लेकिन मास्टरमांइड ने फेल छात्र की डिग्र्री को स्कैन करके उसमें नंबरों को बदलकर फर्जी डिग्री तैयार की थी। शिमला पुलिस अभी तक फर्जी डिग्री मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एचपीयू के रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपियों से जो फर्जी डिग्रियां पुलिस के हाथ लगी हैं, वे एचपीयू से जारी हुई हैं। इन डिग्रियों पर सीरियल नंबर भी सही हैं। एचपीयू ने इन डिग्रियों को फेल और कंपार्टमेंट वाले छात्रों को जारी किया था।लेकिन मास्टरमाइंड ने करोड़ों की कमाई के चक्कर में एचपीयू से जारी इन डिग्रियों के आधार पर फर्जी डिग्रियां तैयार कर जरूरतमंद छात्रों को बेच दीं। पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी मास्टरमांइड ने फेल और कंपार्टमेंट वाले छात्रों की फर्जी डिग्रियां खुद बनवाईं हैं या एचपीयू के सीरियल नंबर फर्जी तरीके से जुटाए हैं। डीएसपी पुुलिस हेडक्वार्टर प्रमोद शुक्ला ने बताया कि फर्जी डिग्री के मास्टरमाइंड ने सिरमौर के फेल छात्र को एचपीयू की फर्जी डिग्री बनाकर दी। एचपीयू के मुताबिक फर्जी डिग्री में जो सीरियल नंबर हैं, वही नंबर एचपीयू ने फेल छात्र को जारी किया था। आरोपी मास्टरमाइंड ने स्कैन करके डिग्री में नंबर बदलकर फर्जी डिग्री तैयार की थी।