नाइजीरिया में फंसे हिमाचल के दो युवकों, वीडियो संदेश में लगाई रिहाई की गुहार

धर्मशाला: नाइजीरिया में फंसे जिला कांगड़ा के दो युवकों के परिजनों ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शांता कुमार व भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष इंदु गोस्वामी से युवकों की वतन वापसी की गुहार लगाई है। इन दोनों युवकों ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपने नाइजीरिया में फंसे होने की सूचना प्रेषित कर उन्हें छुड़ाने की मांग की है। नाइजीरिया में समुद्री जहाज में फंसे तहसील रक्कड़ के रहने वाले कैप्टन अतुल शर्मा के भाई अमन शर्मा ने बताया कि उनका भाई व नगरोटा के रमेहड़ का रहने वाला सुधीर पिछले तीन माह से नाइजीरिया नेवी द्वारा जब्त किए गए समुद्री जहाज में फंसे हुए हैं।

इस समुद्री जहाज में कुल 9 व्यक्ति सवार थे जिनमें से चार भारतीय हैं। जिला कांगड़ा के दो युवकों के अतिरिक्त एक युवक पंजाब व एक युवक उतर प्रदेश का रहने वाला है। इन फंसे हुए भारतीयों ने भारतीय दूतावास से संपर्क साध कर उन्हें छुड़ाने की गुहार लगाई है। अमन शर्मा ने बताया कि उनका भाई अतुल शर्मा जहाज का कैप्टन है तथा नगरोटा बगवां के रमेहड़ का रहने वाला सुधीर चीफ ऑफिसर है। ये दोनों युवक मुंबई की एक निजी कंपनी के समुद्री जहाज पर कार्यरत हैं तथा यह समुद्री जहाज 15 अगस्त 2017 को मुंबई से नाइजीरिया के लिए रवाना हुआ था।

नाइजीरिया की सीमा पर पहुंचते ही 10 सितंबर 2017 को नाइजीरियन नेवी ने इस जहाज को जब्त कर जहाज में सवार व्यक्तियों को बंदी बना लिया। नाइजीरिया में फंसे भारतीय सीमैन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर भारत सरकार से उन्हें छुड़ाने की गुहार लगाई थी।

इसके उपरांत दोनों युवकों के परिजनों ने इस संबंध में भारतीय दूतावास व प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र प्रेषित कर मदद की गुहार लगाई लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। नाइजीरिया में फंसे युवकों ने अपने परिजनों को बताया कि नाइजीरिया नेवी ने वर्ष 2012 में घटित एक घटना के मामले में इस समुद्री जहाज को जब्त किया है। जिस मामले में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है।

नाइजीरिया नेवी के अधिकारियों ने भी उन्हें कहा है कि आप अपने देश वापस लौट सकते हैं लेकिन इसके लिए संबंधित कंपनी का एक रिक्वेस्ट लैटर कंपनी की ओर से उन्हें मिलना चाहिए। लेकिन पिछले तीन माह से कंपनी उन्हें यह लैटर मुहैया नहीं करवा रही। नगरोटा बगवां के रमेहड़ के चीफ ऑफिसर सुधीर कुमार की पत्नी रीमा जिसकी 6 माह की बेटी भी है ने बताया कि उनके पति ने उन्हें बताया है कि तीन माह से न तो उनके लिए खाने की पर्याप्त सुविधा है और न ही कंपनी ने तीन माह से सैलरी दी है।

रीमा ने बताया कि भारतीय दूतावास से भी इस संबंध में बात की है लेकिन कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुई। भारतीय दूतावास को शिकायत किए एक माह से अधिक का समय हो गया है। सांसद शांता कुमार व इंदु गोस्वामी ने बंदी बनाए गए युवकों के परिजनों को आश्वस्त किया कि वह शीघ्र ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलकर नाइजीरिया नेवी द्वारा बंदी बनाए गए युवकों की घर वापसी का प्रयास करेंगे।

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