‘पद्मावती’ के बाद अब फिर नया बवाल, फ़िल्म ‘द गेम ऑफ अयोध्या’ के खिलाफ आंदोलन की धमकी, यूपी पुलिस अलर्ट
‘पद्मावती’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी थमा भी नहीं था कि एक और फिल्म को लेकर विरोध शुरू हो गया है. ये फिल्म है ‘द गेम ऑफ अयोध्या’. अयोध्या की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म के विरोध में अयोध्या के संतों और कुछ हिंदूवादी संगठनों ने देशभर में आंदोलन की चेतावनी दी है.
ये फिल्म बाबरी विध्वंस मामले पर गठित लिब्राहन कमीशन की रिपोर्ट पर आधारित है. 8 दिसंबर को फिल्म रिलीज होने वाली है, लेकिन इससे एक हफ्ते पहले इस पर विवाद शुरू हो गया है.
फिल्मकार सुनील सिंह की डेब्यू फिल्म ‘द गेम ऑफ अयोध्या’ आठ दिसंबर को रिलीज हो रही है. इस फिल्म को सीबीएफसी ने खारिज कर दिया था, लेकिन बाद में अपीलिट ट्रिब्यूनल ने इसे पास किया. फिल्म 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में हुए बाबरी विध्वंस से जुड़ी है. निर्देशक के अनुसार, ये एक प्रेमकथा है. उनका कहना है कि उन्होंने इसमें सिर्फ सच दिखाया है.
अयोध्या के संतों ने की फिल्म पर रोक लगाने की मांग
अयोध्या के कुछ संतों ने कहा कि अगर इस फिल्म पर बैन नहीं लगाया गया, तो वे सड़कों पर उतर सकते हैं. राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य डॉ. रामविलास दास वेदांती और निर्वाणी अखाड़ा के महंत धर्मदास ने इस विवादित फिल्म पर सरकार से बैन लगवाने की मांग की है.

यह फिल्म सस्ती लोकप्रियता का जरिया: विश्व हिंदू परिषद
वहीं विश्व हिंदू परिषद ने इस फिल्म को सस्ती लोकप्रियता का जरिया बताया है. वीएचपी नेता शरद शर्मा ने कहा कि शांतिपूर्ण महौल को खराब करने के लिए ऐसा किया जा रहा है.
फिल्म में बाबरी विध्वंस, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के ओरिजनल फुटेज इस्तेमाल किए गए हैं. इस फिल्म पर रिलीज से पहले विवाद शुरू हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अलीगढ़ के एबीवीपी कार्यकर्ता बताए जा रहे अमित गोस्वामी ने घोषणा की है कि यदि कोई सुनील सिंह की बांह काटकर लाता है तो वे एक लाख रुपए ईनाम देंगे. अमित गोस्वामी ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा है, ‘यदि फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होती है और कोई घटना होती है तो इसके लिए प्रशासन व सरकार जिम्मेदार होगी. मुझे निर्देशक कहीं दिखाई देते हैं तो मैं उन्हें मार दूंगा. उन्होंने हमारी भावनाएं आहत की हैं.
तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का आरोप
‘हिंदू युवा वहिनी’ ने फिल्म को नहीं चलने की धमकी दी है. इस संगठन का आरोप है कि फिल्म में गलत तथ्यों को पेश किया गया है. साथ ही यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की भूमिका को भी फिल्म में गलत तरीके से दिखाया गया है.
हिंदू युवा वाहिनी के नेता आदित्य पंडित ने कहा कि पूरे देश में वाहिनी इस फिल्म का विरोध करेगी.
यूपी पुलिस अलर्ट
धमकी और विवाद की आशंकाओं को देखते हुए यूपी पुलिस ने सभी जिला प्रमुखों को अलर्ट किया है. फिल्म की रिलीज पर विवाद न हो, इसके लिए प्रशासन सतर्क है.