जम्मू। जम्मू के पुंछ जिले रविवार सुबह शुरू हुई मुठभेड़ अब तक जारी है। इमारत में बैठे आतंकी अब भी रुक-रुक कर फायरिंग कर हैं। देर रात बारिश होने की वजह से सेना को ऑपरेशन चलाने में काफी मुश्किल आ रही है। अब तक इस ऑपरेशन में 3 आतंकी ढेर हो चुके हैं जबकि एक जवान भी शहीद हुआ है।
आतंकियों की ओर से लगातार हो रही फायरिंग के बाद सेना को यह समझ आ गया कि आतंकिओं के पास भारी मात्रा में गोला बारुद मौजूद है और यह ऑपरेशन लंबा चल सकता है। इसके बाद सेना ने हेलिकॉप्टर की मदद से पैरा कमांडो को मौके पर भेज दिया। इसके अलावा ड्रोन का भी सहारा लिया जा रहा है। रविवार को सूरज ढलने के बाद सेना ने यहां रोशनी का इंतजामा किया ताकि आतंकी अधेरा का फायदा न उठा सकें। दरअसल, इस जगह से 200 मीटर की दूरी पर आर्मी का बिग्रेड हेडक्वार्टर है। आतंकी इसी को निशाना बनाना चाह रहे थे।
दरअसल, ईद के मौके पर पाकिस्तान ने एक बार फिर नापाक साजिशें रची हैं, लेकिन उसे मुंहतोड जवाब मिला है। राज्य पुलिस ने यह जानकारी दी। पुछ में रविवार को हुए हमले में तीन आतंकी ढेर हो चुके हैं, लेकिन पुलिस का भी एक जवान शहीद हो गया। इसके अलावा नौगाम में सेना ने घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर चार आतंकियों को ढेर किया। साथ ही तंगधार और गुरेज सेक्टर में भी घुसपैठ की कोशिश हुई।
पुलिस ने बताया कि सेना के 93 ब्रिगेड मुख्यालयों के पास लघु सचिवालय की निर्माणाधीन इमारत से गोलीबारी कर रहे आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने इमारत में घुसकर मार गिराया। पुंछ में सुबह से जारी इस मुठभेड़ में हालांकि एक जवान शहीद हो गया, जबकि एक उपनिरीक्षक और एक नागरिक गोलीबारी में घायल हो गए।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया है कि सुरक्षा बलों ने इमारत में छिपकर गोलीबारी कर रहे आतंकवादियों के खिलाफ शाम में आर-पार की लड़ाई शुरू की और आतंकवादियों के भाग निकलने के सारे रास्तों पर नाकेबंदी कर दी।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि उधर कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर नौगाम सेक्टर में एक भारतीय जवान ने कुछ आतंकवादियों को सीमापार कर भारतीय सीमा में घुसते देखा तो उन्हें चेतावनी दी, जिसके बाद सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। चार घंटों तक चली गोलीबारी में चार आतंकवादी मार गिराए गए।
रविवार की सुबह बांदीपोरा में गुरेज सेक्टर में एलओसी के पास भी सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान से आतंकवादी सीमापार कर भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सेना की ओर से समय पर की गई कार्रवाई ने उन्हें वापस भागने पर मजबूर कर दिया।
