पुलवामा आतंकी हमले की खुफिया विभाग को लग गई थी भनक, 8 फरवरी को किया था अलर्ट
लेकिन लगता है कि इन इनपुट पर ध्यान नहीं दिया गया और आतंकियों इतने बड़े हमले अंजाम दे डाला।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए सबसे बड़े आतंकी हमले में नए नए खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि खुफिया विभाग ने 8 फरवरी को ही जम्मू कश्मीर पुलिस को अलर्ट कर दिया था कि आतंकी आईईडी विस्फोट को अंजाम दे सकते हैं। इस संबंध में एक चिट्ठी 8 फरवरी को भेज दी गई थी। इसकी कॉपी आप यहां भी देख सकते हैं। इसमें लिखा गया है, किसी भी जगह तैनाती से पहले उस जगह की अच्छी तरह से जांच कर लें क्योंकि आईईडी ब्लास्ट के इनपुट्स हैं। (मैटर मोस्ट अर्जेंट)ये चिट्ठी डीआईजी सीआरपीएफ दक्षिण कश्मीर, डीआईजी सीआरपीएफ उत्तरी कश्मीर, सभी एसएसपी को भेजी गई थी। लेकिन लगता है कि इन इनपुट पर ध्यान नहीं दिया गया और आतंकियों इतने बड़े हमले अंजाम दे डाला। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले में गुरूवार को सीआरपीएफ के 42 जवान शहीद हो गए। जबकि कई के घायल होने की सूचना है। घटना जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर दोपहर बाद सवा तीन बजे की है। फिदायीन हमलावर ने विस्फोटक भरी कार को काफिले की बस से टकरा दिया, जिससे विस्फोट में बस के परखच्चे उड़ गए। चारो ओर बस के टुकड़े तथा मलबा पड़ा नजर आ रहा था। आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। सीआरपीएफ का 78 वाहनों का काफिला 2500 जवानों को लेकर जम्मू से श्रीनगर आ रहा था। इनमें ज्यादातर अपनी छुट्टी बिताकर ड्यूटी ज्वाइन करने जा रहे थे। सामान्य तौर पर एक हजार जवान काफिला का हिस्सा होते हैं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर पुलवामा जिले के लेथपोरा में काफिले को निशाना बनाया गया। पुलिस के अनुसार आत्मघाती वाहन को चला रहे मानव बम की शिनाख्त कर ली गई है। वह पुलवामा जिले के काकापोर का आदिल अहमद था, जो वर्ष 2018 में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद में शामिल हुआ था।
