राम मंदिर मुद्दे पर SC ने कहा- बातचीत से सुलझाओ
कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए तीन लोगों का पैनल गठित किया है। पैनल की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस इकबाल खलीफुल्ला करेंगे।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम जन्मभूमि का मामला बातचीत के जरिए सुलझाने को कहा है। कोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए कुल 8 हफ्ते का वक्त दिया है। कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए तीन लोगों का पैनल गठित किया है। पैनल की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस इकबाल खलीफुल्ला करेंगे। उनके अलावा आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्री राम पंचू पैनल के सदस्य होंगे।कोर्ट के फैसले के साथ ही इस मामले पर प्रतिक्रियाएं आनी भी शुरू हो गई हैं। मामले में मुस्लिम पक्षकार इकबार अंसारी ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। हालांकि, जानकारी मिल रही है कि हिंदू महासभा कोर्ट के इस निर्णय से खुश नहीं है। हिंदू महासभा ने श्री श्री रविशंकर को मध्यस्थ बनाए जाने का विरोध किया है और कहा है कि इस मामले का बातचीत के जरिए कोई हल नहीं निकलेगा।उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बारे में कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट आदेशों पर सवाल खड़ा नहीं करूंगा। पहले भी मामले को सुलझाने के प्रयास किए गए लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। न तो राम भक्त और न ही साधु संत राम मंदिर के निर्माण में कोई देरी चाहते हैं।’
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और बाबरी मस्जिद कार्रवाई समिति के संयोजक जफरयाब जिलानी ने कहा, ‘हमने पहले ही कहा है कि मध्यस्थता के मामले में सहयोग देंगे। अब हमें बाकी जो भी कहना है वो मध्यस्थता कमेटी से कहेंगे न कि बाहर।’उमा भारती ने कहा, ‘हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। हम कोर्ट के खिलाफ कुछ भी नहीं कहेंगे। हम राम के भक्त हैं, लेकिन जैसे वेटिकन में मस्जिद नहीं बन सकती, मक्का मदीना में मंदिर नहीं बन सकता। वैसे ही अयोध्या में भी मंदिर के अलावा क्या कुछ और बनना चाहिए?’