दुल्हन के हाथों से अभी तक नहीं उतरी थी मेहंदी, तिरंगे में लौट आया शहीद पति का पार्थिव शरीर
शहीद का पार्थिव शरीर देखते ही परिजन बिलख पड़े।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : भारत-चीन सीमा से सटे शिपकिला के पास नमज्ञा के डोगरी नाले में गश्त के दौरान हिमखंड गिरने से शहीद हुए राजेश ऋषि का पार्थिव शरीर रविवार को पैतृक गांव जगतपुर जोघों पहुंचा। शहीद का पार्थिव शरीर देखते ही परिजन बिलख पड़े। शहीद की माता और पत्नी बेसुध हो गई। परिजनों को आज सुबह तक राजेश के शहीद होने की सूचना नहीं दी गई थी।परिजनों को इसकी सूचना तब मिली जब तिरंगे में लिपटे उनके बेटे के पार्थिव शरीर को घर पहुंचाया गया। इसके बाद घर में चीख-पुकार का माहौल हो गया। परिजन फूट-फूट कर रोने लगे। शनिवार को सैनिक राजेश की सही सलामती के लिए घर में महामृत्युंजय का जाप रखा था।जैसे ही पूर्णाहुति डाली कि अचानक फोन पर सूचना मिली कि सैनिक राजेश ऋषि का शव हिमखंड से बरामद कर लिया गया है। जवान के शहीद होने की सूचना के बाद रिश्तेदारों ने इसकी जानकारी शहीद के पिता रणजीत सिंह, माता माया देवी सहित पत्नी, भाई-भाभी को नहीं दी। परिजनों को सिर्फ इतना ही बताया गया कि राजेश मिल गया है, जिसे अस्पताल ले गए हैं। लेकिन आज अपने लाल के शहीद होने की सूचना मिलते ही मां बेसुध है। शहीद की पत्नी के आंसू नहीं थम रहे।राजेश ऋषि बीते 12 दिसंबर को ही परिणय सूत्र में बंधे थे। 28 जनवरी को राजेश अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। दुल्हन के हाथों से अभी मेहंदी तक नहीं उतरी और अब उसका शहीद पति तिरंगे में लौट कर घर आया है। शहीद का पूरे सैनिक और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान हर आंख नम थी।