सुख-सुविधाओं से लैस शहरों की सूची में पुणे पहले स्थान पर और राजधानी दिल्ली 65वें पायदान पर
मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल को टॉप टेन की सूची में जगह मिली है
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : बसने योग्य बेहतर 111 शहरों की सूची में राजधानी दिल्ली 65वें पायदान पर खिसक गया है। उत्तर भारत के चंडीगढ़ को छोड़कर किसी राज्य का कोई और शहर टॉप 20 की सूची में भी जगह बनाने में कामयाब नहीं हुआ है। सर्वोच्च सुख सुविधाओं से लैस रहने लायक शहरों में पुणे सबसे ऊपर है, जहां शुद्ध हवा, पानी, सुरक्षा, संरक्षा, रोजी रोजगार, आवास, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और मजबूती बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल को टॉप टेन की सूची में जगह मिली है। जबकि महाराष्ट्र के ही तीन और शहरों नवी मुंबई, ग्रेटर मुंबई और थाणे ने टॉप टेन में जगह बनाई है। उत्तरी क्षेत्र का एक मात्र शहर चंडीगढ़ पांचवें स्थान पर है।केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने सोमवार को यहां ईज आफ लिविंग इंडेक्स जारी किया। 111 शहरों की इंडेक्स सूची में उत्तर प्रदेश का रामपुर शहर सबसे निचले पायदान पर है। गंभीर वायु प्रदूषण के मानदंड पर नई दिल्ली दूसरे शहरों से बहुत पिछड़ गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार व तमिलनाडु जैसे बड़ी शहरी आबादी वाले राज्यों का हाल सबसे खराब है। पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के शहरों की स्थिति डांवाडोल है, जो रहने के लिहाज से बेहतर सूची में जगह नहीं बना पाये हैं।रहने योग्य शहरों की प्रतिस्पर्धा में चार प्रमुख क्षेत्रों को आधार बनाया गया है। इनमें संस्थागत, सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं के आधार पर बेहतर रहने लायक शहरों का आकलन किया गया है। इनमें सुविधाओं को 15 वर्ग में बांट देखा गया है, जिनमें गवर्नेंस, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, सेफ्टी, आर्थिक हालत, रोजगार, कूड़ा प्रबंधन, सीवर प्रबंधन, पर्यावरण प्रदूषण का स्तर, आवासीय सुविधाएं, भूमि का उपयोग, बिजली आपूर्ति, परिवहन, पेयजल की आपूर्ति और नागरिकों के लिए पार्क अथवा खुली हवा वाले स्थल प्रमुख थे।टॉप टेन की सूची में पुणे, नवी मुंबई, ग्रेटर मुंबई, तिरुपति, चंडीगढ़, थाणे, रायपुर, इंदौर, विजयवाड़ा और भोपाल का नाम है। चार वर्गो में विभाजित शहरों की सूची में भी उत्तर भारत के शहरों को जगह नहीं मिल पाई है।उत्तरी क्षेत्र में चंडीगढ़ बेहतर शहरों की सूची में पांचवें स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 111 शहरों में से उत्तर प्रदेश के 14 शहरों को सर्वेक्षण के लिए चुना गया था। इनमें बनारस को 33वां स्थान, झांसी-34, इलाहाबाद-96, आगरा- 55, रायबरेली- 49, कानपुर–75, लखनऊ-73, आगरा-55, अलीगढ़- 86, बरेली 81, मेरठ-101, गाजियाबाद-46, मुरादाबाद-88, सहारनपुर 103 और रामपुर 111 पायदान पर रहा।बिहार के चयनित शहर मुजफ्फरपुर 63वें, पटना 109, बिहार शरीफ 108 और भागलपुर 107वें स्थान पर रहे। हरियाणा के फरीदाबाद को 73वां, गुरुग्राम को 86 और करनाल को 82वां स्थान मिला है। पंजाब का अमृतसर 76, जालंधर 77 और लुधियाना 35वें स्थान पर रहा। उत्तराखंड के एक मात्र देहरादून का नाम 80वें पायदान पर दर्ज हुआ।मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल क्रमश: आठवें व दसवें स्थान पर हैं। जबकि ग्वालियर 32, सतना 62, जबलपुर 15, सागर 66 और उज्जैन 24वें स्थान पर हैं। छत्तीसगढ़ के रायपुर को सातवां और विलासपुर को 13वां स्थान मिला है।