PM मोदी ने 2018 में मुस्लिम महिलाओं को सौगात देने का किया वादा, बजट सत्र में तीन तलाक बिल पास होने की जताई उम्‍मीद

एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) :  सोमवार से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है. उससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि 2018 में मुस्लिम महिलाओं को सौगात देंगे. इसके तहत बजट सत्र में तीन तलाक बिल पास होने की उम्‍मीद है. पीएम मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद शीतकालीन सत्र में तीन तलाक बिल राज्‍यसभा से पारित नहीं हो सका. उन्‍होंने बजट सत्र के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों का सहयोग मांगा. उन्‍होंने यह भी कहा कि दल से बड़ा देश होता है.

आम चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी पूर्णकालिक बजट सत्र शुरू हो रहा है. बजट सत्र की शुरुआत आज सुबह 11 बजे होगी. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दोनों सदनों की सेंट्रल हॉल में संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे. बतौर राष्ट्रपति कोविंद का यह पहला अभिभाषण होगा. उसके बाद इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाएगा. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के संसद बजट सत्र के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न दलों से सहयोग मांगा है. सुमित्रा ने कहा बजट सत्र के प्रथम भाग में आठ बैठकें होंगी जिसमें 36 घंटे में से 19 घंटे राष्ट्रपति के अभिभाषण और केंद्रीय बजट 2018-19 के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी.

बजट सत्र से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. सर्वदलीय बैठक में सरकार ने विपक्षी दलों से सत्र को सफल बनाने पर चर्चा की और उनसे सुझाव मांगे. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आम बजट के लिए यह सत्र बहुत ही महत्वपूर्ण है और इस सत्र को सफल बनाने के लिए विपक्षी दलों ने जो सुझाव दिए हैं, उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि विकास के लिए व्यवस्था बदलने की जरूरत है. संसद में चर्चा के दौरान राजनीति आती है. इसलिए विकास के मुद्दों पर सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा करनी चाहिए.

केंद्रीय बजट एक फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा. 9 फरवरी से सत्र में अवकाश घोषित होगा. बजट सत्र का दूसरा चरण पांच मार्च से शुरू होगा, जो छह अप्रैल तक चलेगा. अभी तक 28 फरवरी को बजट पेश किया जाता था एवं रेल बजट को अलग से पेश किया जाता था, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने साल 2017 में इस चलन में बदलावा करते हुए इसकी तिथि बदलते हुए इसकी तारीख 1 फरवरी कर दी थी. इसके साथ ही सरकार ने एक बड़ा बदलाव करते हुए रेल बजट को मुख्य बजट में शामिल करने का फैसला किया था.

केंद्र की सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार के इस शासनकाल का वित्त मंत्री अरूण जेटली एक फरवरी को आखिरी पूर्ण बजट पेश करेंगे. बजट सत्र का पहला चरण नौ फरवरी को पूरा हो जाएगा. दूसरा चरण पांच मार्च से छह अप्रैल के बीच होगा. इस बार के बजट में मजबूत राजनीतिक संदेश हो सकता है क्योंकि, 2019 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. इस बजट में किसानों और गरीबों पर मुख्य रूप से ध्यान देने की उम्मीद है. बजट से जुड़ी प्राथमिकताओं के अलावा सरकार कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने पर जोर दे सकती है.

बजट 2018-19 के दस्‍तावेजों की प्रिंटिंग की प्रक्रिया 20 जनवरी को हलवा सेरेमनी की रस्‍म के साथ शुरू हो गई. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हलवा सेरेमनी में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को हलवा खिलाकर बजट की प्रक्रिया की शुरुआत की थी. इस मौके पर वित्त मंत्रालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे. इसी के साथ प्रिंटिंग प्रेस के तमाम कर्मचारियों समेत वित्त मंत्रालय के 100 अधिकारियों को बजट पेश होने तक नजरबंद कर दिया गया है.

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