शिमला :गर्मियां आते ही शुरू हो गयी पानी की किल्लत

(न्यूज़  लाइव नाउ):हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में गर्मियां शुरु होने से पहले ही पानी का संकट बढने लगा है. इसका असर मार्च माह में ही दिखना शुरु हो गया है. शिमला शहर में लोगों को पानी के लिए तीसरे और चौथे दिन का इंतज़ार करना पड़ रहा है.

विभिन्न पेयजल योजनाओं से पर्याप्त न मिलने के कारण शहर में रोजाना करीब 32 से 35 MLD पानी की आपूर्ति हो रही है. जबकि शहर में रोजाना करीब 40 MLD से ज्यादा पानी की आवश्यकता रहती है. वहीं, पानी की कमी शिमलावासियों के साथ साथ पार्षद भी झेल रहे हैं.

वार्ड स्तर में लोगों की मांग पर पानी की आपूर्ति करने के लिए निगम के टोल फ्री नंबर पर शिकायत कर रहे हैं. लेकिन पार्षद के कहने पर भी टोल फ्री नंबर पर कॉल रिसीव करने वाले कर्मचारी पार्षद की शिकायत नहीं लिखते हैं और न ही पानी की सप्लाई की जाती है.

खलिनी वार्ड पार्षद पूर्णमल का कहना है कि नवरात्रे के दिनों में शहर में पानी की खपत जायदा होती है, जिसके लिए नगर निगम लोगों की मांग के अनुरूप पानी के टैंक उपलब्ध करवाता है.

उन्होंने बताया कि यदि यह कर्मचारी पार्षद के कहने पर भी पानी की आपूर्ति नहीं करते हैं तो शहर के लोगों की शिकायत पर कितनी सप्लाई की जाती होगी, यह इसी बात से पता लगाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में निगम आयुक्त से शिकायत की जाएगी और लापरवाह कर्मचारी पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी.

कर्मचारियों की लापरवाही की शिकायत नहीं : आयुक्त
वहीं नगर निगम आयुक्त का कहना है कि पानी की मांग के लिए रोजाना 5-6 शिकायतें आ रही हैं, लेकिन कर्मचारी की लापरवाही की कोई शिकायत नहीं आई है यदि ऐसी शिकायत आती है तो निश्चित रुप से कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने बताया कि शहर के जिन क्षेत्रों में पानी की रोजाना आपूर्ति की जा रही है, उन क्षेत्रों में वैकल्पिक दिन ही पानी की आपूर्ति की जायेगी. उन्होंने बताया कि शहर के सभी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति एक सामान की जाएगी और लोगों की मांग के अनुरूप पानी मुहैया करवाया जाएगा.

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