हिमाचल प्रदेश : बारिश और बर्फ़बारी ने मचाया तांडव, नदियां उफान पर
कांगड़ा से लौट रहे भेड़पालकों के 300 मवेशी बाढ़ में बह गए। ब्यास में पानी के उफान के चलते मनाली से मंडी तक कई जगहों पर लोगों के फंसने की सूचनाएं हैं
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : हिमाचल में दो दिन से जारी बारिश से कई इलाकों में जल प्रलय जैसे हालात बन गए हैं। नदियों में जलस्तर बढ़ने से प्रदेश के तीन बांधों के गेट खोलने पड़े, जिससे रावी और ब्यास नदी का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया। कुल्लू-मनाली और चंबा में चार पुल बह गए हैं। मंडी के दवाड़ा और चंबा के तीसा में पानी हाईवे पर आ गया। कई इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी जमा हो गया है। दो पुलों को दरारें आ गईं। चंबा के होली में एक बिजली प्रोजेक्ट में पानी घुस गया।
वहीं, इसी इलाके में कांगड़ा से लौट रहे भेड़पालकों के 300 मवेशी बाढ़ में बह गए। ब्यास में पानी के उफान के चलते मनाली से मंडी तक कई जगहों पर लोगों के फंसने की सूचनाएं हैं। रेस्क्यू के लिए सेना का हेलीकाप्टर बुलाया गया है। उधर, मनाली बस स्टैंड पर खड़ी पर्यटकों की खाली वोल्वो बस बह गई। चंबा के होली में टिपर और कुल्लू के बाशिंग में एक ट्रक समेत कई वाहनों के बहने की सूचनाएं हैं। कुल्लू में बहे ट्रक में चालक और परिचालक भी सवार थे, जिन्हें लोगों ने बहते हुए देखा। प्रशासन ने पूरे इलाके में अलर्ट घोषित कर दिया है। कुल्लू, किन्नौर, मंडी और चंबा जिलों के स्कूलों में सोमवार की छुट्टी घोषित कर दी गई है।पिछले दो दिन की बारिश से नदी-नाले उफान पर रहे। इससे रावी और ब्यास का पानी इतना बढ़ गया कि पंडोह, लारजी और चमेरा डैम के गेट खोलने पड़े। लारजी डैम में तो 22 मीटर तक गेट खोल दिए गए। इससे बांध के निचले इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए। कुल्लू में मनाली से लेकर बजौरा तक ब्यास में 23 साल बाद इतना ज्यादा पानी देखा गया है। डोभी नाले में अचानक बाढ़ आने से 25 लोग फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया है।
नदी से सटे कई रिहायशी इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया। तीन से चार फीट तक पानी जमा होने से इलाके में भगदड़ जैसे हालात बन गए। लोगों ने सुरक्षित स्थानों को भागकर जान बचाई। चंबा में रावी नदी का पानी हाईवे पर आ गया। चंबा-पठानकोट नेशनल हाईवे पर ऐतिहासिक शीतला ब्रिज और बालू पुल के किनारों पर दरारें आने पर पुलों से आवाजाही बंद कर दी गई।
रावी से सटे दुर्गेठी, राख, धरवाला, परेल, शीतला ब्रिज, बालू, तड़ोली के मकान खाली करा लिए गए। लोगों को विश्राम गृहों में ठहराने की व्यवस्था की गई है। जवाहर नवोदय विद्यालय से छात्रों को पॉलीटेकभनीक कॉलेज और नर्सिंग हॉस्टलों में शिफ्अ किया गया है। पूरे जिले में एचआरटीसी की बस सेवा ठप हो गई है।कुल्लू-मनाली-रोहतांग-लेह हाईवे बंद, हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग किन्नौर के सांगला के पास बाधित। शिमला-रोहड़ू नेशनल हाईवे बंद। नाहन-शिमला वाया कुम्मारहट्टी नेशनल हाईवे करीब पांच घंटे तक अवरुद्ध रहा। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर स्वारघाट के समीप भूमक स्थान में पहाड़ी से गिरी भारी भरकम चट्टानों से ठप हो गया। चंबा-पठानकोट मार्ग तीन जगहों पर भूस्खलन के चलते यातायात के लिए अवरुद्ध पड़ गया।मूसलाधार बारिश से कुल्लू में मनाली से लेकर बजौरा तक पानी ही पानी नजर आ रहा है। ब्यास नदी भी उग्र हो गई है। 23 सालों के बाद नदी का रौद्र रूप देखकर हर कोई हैरान है। इसके अलावा सरवरी खड्डी, प्रीणी नाला, काईस नाला, छाकी नाला और डोभी नाला में बाढ़ आ गई है। नदी नालों में आई बाढ़ से लोग दशहत में हैं।
रोहतांग दर्रा के बंद होने से लेह, काजा व लाहौल से आए पर्यटकों समेत 40 लोगों को बीआरओ ने शनिवार देर शाम को रेस्क्यू कर मढ़ी पहुंचाया है। वहीं रोहतांग, कुंजुम दर्रा व बारालाख के बंद होने से लाहौल में कई पर्यटक फंसे है। दो दिनों से मौसम खराब रहने से रोहतांग दर्रा में 50 सेंटीमीटर से अधिक बर्फबारी रिकार्ड की गई है।
जबकि कुंजुम दर्रा में 60 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है। बीआरओ के कमांडर एके अवस्थी ने कहा कि बर्फबारी को देखते हुए मनाली-रोहतांग व लेह मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। बर्फबारी के बाद जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। घाटी में इंटरनेट के साथ मोबाइल सेवा दो दिनों से बंद है।किन्नौर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का संपर्क एक बार फिर देश दुनिया से कट गया है। सांगला वैली को जोड़ने वाली कड़छम-छितकुल सड़क पर पलिंगचे के समीप शनिवार रात को भू स्खलन के कारण सड़क पूरी तहर से यातायात के लिए बाधित हो गई है। मार्ग अवरूद्ध होने से जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से सांगला, चौरा और भावानगर से सांगला की ओर आने वाले वाहनों के पहिए थम गए हैं।बारिश के कारण भूस्खलन से रोहडू शिमला मुख्य मार्ग सहित क्षेत्र की कई सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बंद है। रविवार को कई सड़कों पर परिवहन निगम की बस सेवाए भी बंद रही है। बारिश के कारण सड़कें अवरूद्घ होने के बाद उंचाई वाले क्षेत्रों में बागवानों की हजारों पेटिया सेब मंडी पंहुचाने के लिए शनिवार शाम से फंसा हुआ है। रोहडू शिमला मुख्य मार्ग पर रविवार को पूरा दिन बस सेवाएं नहीं चली। रोहडू के लिए अखबार व अन्य रोजमर्रा के सामान को लेकर शिमला चंडीगढ की ओर से आने वाले वाहन दिन भर पटटी ढांक व निहारी के पास फंसे रहे। परिवहन निगम की बसों को रविवार वाया नारकंडा टिक्कर होकर शिमला के लिए चलाया गया है। रोहडू उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश सडके आधे तक वाहनों की आवाजाही के लिए रविवार शाम तक बंद हो चुकी है।
जनपद सिरमौर में मौसम ने कहर बरपा दिया है। दो दिनों से हो रही लगातार बारिश की जवह से जनजीवन बुरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया है। जिला में बारिश की वजह से सड़कों पर जगह-जगह ल्हासे गिर गए हैं। जिससे नाहन-शिमला वाया कुम्मारहट्टी नेशनल हाईवे करीब पांच घंटे तक अवरुद्ध रहा। इसके अलावा जिले के 27 संपर्क सड़क मार्ग भी अवरुद्ध हो गए हैं। जिला में दो स्थानों पर मकान ढहने की भी सूचना है। वहीं, कई इलाकों में बारिश की वजह से बत्ती गुल हो गई है। कई गांवों में बिजली गुल होने से अंधेरा पसर गया है। बारिश से मक्की की फसल पर भी संकट के बादल मंडाने शुरू हो गए हैं।चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर स्वारघाट के समीप भूमक स्थान में पहाड़ी से गिरी भारी भरकम चट्टानों को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। लोक निर्माण विभाग की जेसीबी व चट्टानों को तोडने के लिए रॉक ब्रेकर कार्य कर रहे हैं। घुमारवीं से भी एक रॉक ब्रेकर बुलाया गया है। लोक निर्माण उपमंडल स्वारघाट प्रशासन सड़क को दोतरफा बहाल करने को जुटे हुए हैं। लेकिन बारिश के कारण राहत व बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।
चंबा जिले में बीते 24 घंटों से होने वाली बारिश ने कहर ही बरपा कर रख दिया है। भारी बारिश के साथ-साथ जिले के कबायली क्षेत्र भरमौर, पांगी, सलूणी, किहार, तीसा, सलूणी, साहो की ऊपरी चोटियों पर दस से पंद्रह सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है। भारी बारिश से चंबा-पठानकोट मार्ग तीन जगहों पर भूस्खलन के चलते यातायात के लिए अवरूद्घ पड़ गया। इसके अलावा जिले के दो दर्जन मार्ग बंद हो जाने से दर्जन भर सरकारी व निजी बसों के पहिए थम गए।मूसलाधार बारिश से हिमगिरी में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि, जिला मुख्यालय चंबा में सपड़ी मोहल्ला में मकान के आंगन का डंगा क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे दो मंजिला मकान को खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं जनसाली मोहल्ला में भूस्खलन होने से एक मकान व शौचालयों को खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने लगातार बारिश को देखते हुए राज्य के आठ जिलों में स्कूल बंद करने के आदेश दे दिए हैं।