(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली। क्या आप हिंदुस्तान में इस बात की कल्पना भी कर सकते हैं कि किसी मस्जिद में नमाज चल रही हो और तभी अचानक से पुलिस के बूटों की आवाज मस्जिद में गूँज उठे। देखते ही देखते पुलिस के जवान उन सभी नमाजियों को मस्जिद से खदेड़ दें तथा मस्जिद को बंद कर दें। इसके उत्तर में आपका जवाब “न” में ही आएगा। लेकिन दुनिया के एक देश ने ऐसा किया है तथा इस्लामिक जगत को सीधी चुनौती दी है। मस्जिद में घुसकर नमाजियों को बाहर निकालकर मस्जिद को बंद करने वाला ये देश है इजराइल।इस्लामिक कट्टरता के खिलाफ अगर ऐसे मुल्कों का नाम लिया जाये, जिन्होंने बिना किसी दवाब में आये हुए बेहद ही आक्रामक तरीके इस्लामिक कट्टरवाद को कुचला है तो उसमें इजराइल का नाम जरूर होगा तथा अग्रिम पंक्ति में होगा। इस्लामिक चरमपंथ के खिलाफ अपने इसी उग्र रूप के कारण इजराइल ज्यादातर इस्लामिक मुल्कों की आँखों की किरकिरी बना हुआ है तथा ये इस्लामिक मुल्क इजराइल को अपना सबसे बड़ा शत्रु मुल्क मानते हैं। अपनी छबि के अनुरूप इजराइल ने एक बार फिर से ऐसा कदम उठाया है जिससे इस्लामिक जगत में खलबली मच गई है। मीडिया सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़, इजराइली सैनिकों ने इस्लामी मान्यताओं के खिलाफ जाते हुए मंगलवार को मस्जिदुल अक़्सा के दरवाज़ों को बंद कर दिया। जानकारी के अनुसार इजराइली सैनिकों ने मस्जिदुल अक़्सा के दरवाज़ों को बंद करने के साथ फ़िलिस्तीनी नमाज़ियों को मस्जिद के प्रांगण से बाहर निकाल दिया और कई फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि येरूशलेम स्थित मस्जिदुल अक़्सा को इस्लाम में मक्का और मदीना के बाद तीसरा सबसे पाक स्थल माना जाता है।