लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पास नहीं, सरकार को झटका

(न्यूज़लाइवनाउ-India) लोकसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी नहीं मिल सकी। यह बिल आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में असफल रहा, जिसके कारण यह पारित नहीं हो पाया। मतदान के दौरान प्रस्ताव के समर्थन में करीब 298 सांसदों ने वोट दिया, जबकि 230 सांसद इसके विरोध में खड़े रहे।

यह विधेयक सरकार द्वारा 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून में बदलाव करने और उसे जल्दी लागू करने के उद्देश्य से लाया गया था। सरकार चाहती थी कि 2029 के आम चुनाव तक संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई सीटें मिल जाएं।

विवाद की जड़: परिसीमन से जोड़ना

इस बिल का सबसे बड़ा विवाद यह था कि इसे परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया से जोड़ा गया था। परिसीमन के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 850 तक करने का प्रस्ताव था।

विपक्षी दलों ने इसका कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि महिलाओं के आरक्षण के नाम पर सरकार चुनावी क्षेत्रों की सीमाएं बदलकर राजनीतिक फायदा लेना चाहती है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण के बजाय देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है।

सरकार का तर्क था कि यह कदम महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में विपक्ष से अपील की थी कि वे इस बिल का समर्थन करें और महिलाओं के हित में निर्णय लें।

इस संशोधन विधेयक के असफल होने के बाद सरकार ने इससे जुड़े अन्य विधेयकों—जैसे परिसीमन बिल—को भी आगे न बढ़ाने का फैसला किया।

यह घटना मोदी सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका मानी जा रही है, क्योंकि पिछले कई वर्षों में यह पहला मौका है जब कोई महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन बिल लोकसभा में पारित नहीं हो सका।

महिला आरक्षण कानून की स्थिति

ध्यान देने वाली बात यह है कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून अभी भी लागू है, लेकिन उसकी वास्तविक शुरुआत जनगणना और परिसीमन के बाद ही होनी है, जिससे इसमें देरी हो सकती है।

कुल मिलाकर, महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक सहमति की कमी और परिसीमन से जुड़े विवाद ने इस महत्वपूर्ण बिल को रोक दिया। जहां एक ओर सरकार इसे महिलाओं के अधिकारों से जोड़कर देख रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मान रहा है।

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