जेल भरो आंदोलन के लिये तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन
नौबाही मन्दिर बचाओ संघर्ष समिति ने दी चेतावनी
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : सरकाघाट/सुंदरनगर, मंडी – मंगलवार को नौबाही मंदिर बचाओ संघर्ष समिति ने आपातकालीन बैठक की। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्षता ललित जमवाल ने की। जानकारी देते हुए ललित जम्वाल ने कहा कि अभी हाल ही में सरकाघाट तहसीलदार ने मीडिया के माध्यम से समिति के सदस्यों को यह धमकी दी थी कि यदि समिति को आय व्यय का रिकॉर्ड चाहिए तो वह हमारे कार्यालय से ले यदि वह नहीं माने मीडिया में जाते रहे तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समिति ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि हम कई बार तहसीलदार और एसडीएम के कार्यालय में गए हैं हमें यही जवाब मिलता है कि सारा रिकॉर्ड सीआईडी के कब्जे में है इसलिए हम कोई जानकारी नहीं दे सकते।
हम बार-बार यह कह रहे हैं कि तहसीलदार साहब हम जानकारी 2007 से लेकर के 2016 तक की मांग रहे हैं ना कि वर्तमान की। हम उस भ्रष्टाचार की जानकारी मांग रहे हैं जो राजस्व विभाग के पूर्व के कर्मचारियों ने मिलकर के इस मन्दिर में की है हम वह जानकारी मांग रहे हैं जो नंगा नाच राजस्व विभाग के पूर्व के कर्मचारियों ने मंदिर में किया। उन्होंने कहा कि तहसीलदार साहब हम जानकारी मांग रहे हैं जो राजस्व विभाग के पूर्व के कर्मचारियों ने मन्दिर में भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं लांघ दी गई। मंदिर तक नहीं छोड़े गए जहां जाली पर्चियां छाप करके करोड़ों रुपए की उगाही की गई। यह घोर निंदनीय है।
वही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र डोगरा ने कहा कि हम संघर्ष समिति के साथ हैं और जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते हम भी आंदोलन के लिए तैयार रहेंगे, वहीं आम आदमी पार्टी के नेता इंजीनियर शेर सिंह ने तहसीलदार साहब के बयान की कड़ी निंदा की है। उधर, समाजसेवी नरेंद्र वशिष्ठ ने भी निंदा की है वहीं विधानसभा प्रत्याशी रहे मोतीराम ने भी प्रशासन के बयान की कड़ी निंदा की है।
ललित जमवाल ने कहा कि यदि प्रशासन हमें धमकियां देता रहा तो हम प्रशासन को संविधान का पाठ पढ़ाने के लिए जनता की अदालत लगाएंगे और संविधान के प्रति तहसीलदार साहब को भेंट करेंगे। इसके साथ ही यदि आवश्यकता हुई तो हम जेल भरो आंदोलन का ज्ञापन अगले सप्ताह तहसीलदार साहब को सौंपेंगे मुख्यमंत्री के नाम। इसकी हमें अनुमति दी जाए हम जेल भरने के लिए तैयार हैं। अगर प्रशासन को कार्रवाई करनी है तो प्रशासन करें लेकिन हम जनतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं होने देंगे और सत्य के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। आरोपियों को जब तक गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक हम लड़ाई लड़ते रहेंगे और पाई-पाई का हिसाब किताब ले कर के रहेंगे उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मामले में तत्काल संज्ञान नहीं लेती है तो मजबूरन हम जेल भरो आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। इसके लिए हम एक ज्ञापन तहसीलदार साहब के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को शीघ्र ही सौंपने वाले हैं हमें जेल भरो आंदोलन की अनुमति दी जाए। हम प्रशासन की ईंट से ईंट बजा देंगे क्योंकि हमारे पास तथ्य हैं और सबूत हैं हम झूठ नहीं बोल रहे हैं उल्टा हमारे अधिकारों का हनन करते हुए संविधान के खिलाफ काम करके हमें धमकी दी जा रही है जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।