हिजबुल के आतंकियों ने रची थी बनिहाल में पुलवामा जैसे हमले की साजिश
पुलिस ने शोपियां निवासी उवैस को बीती रात बनिहाल और वारदात स्थल के बीच गुंड के पास हाईवे पर लगाए नाके पर पकड़ा।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : बनिहाल से 10 किलोमीटर दूर जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर शनिवार को सीआरपीएफ काफिले के पास विस्फोटकों से लैस कार में विस्फोट करने वाले आतंकी उवैस अमीन को पुलिस ने 36 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया है। हमले की साजिश हिजबुल मुजाहिदीन ने रची थी। उसने बताया कि अगर धमाके के लिए कार में लगा ट्रिगर दब गया होता तो पुलवामा से भी बड़ी तबाही होती। आतंकी ने पुलिस को बताया कि हमले के लिए आतंकी को लॉटरी से चुना गया था।पुलिस ने शोपियां निवासी उवैस को बीती रात बनिहाल और वारदात स्थल के बीच गुंड के पास हाईवे पर लगाए नाके पर पकड़ा। उस समय वह टिप्पर में बैठकर कश्मीर जाने की फिराक में था। पांच वर्षो के दौरान यह पहला मौका है जब किसी आत्मघाती हमले को अंजाम देने आए आतंकी को जिंदा पकड़ा गया हो।
बनिहाल विस्फोट के लिए कार में 90 जिलेटिन छड़ें थी। यूरिया, सल्फर, अमोनियम नाइट्रेट के अलावा दो लीटर पेट्रोल और दो गैस सिलेंडर थे। इसके अलावा एक टिफिन आइईडी भी था।काफिले को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल कार के बारे में पूछे जाने पर आइजीपी जम्मू मुनीश कुमार सिन्हा ने बताया कि यह सेंट्रो कार थी। इसका चेसिस व इंजन नंबर बदला या मिटाया हुआ था। यह हरियाणा की गाड़ी थी और हो सकता है कि यह चोरी की हो।उसे यह जिम्मा शोपियां में सक्रिय हिज्ब कमांडर ने सौंपा था। उसे बताया था कि जवाहर सुरंग पार करने के बाद उतराई आएगी और वहीं कहीं वह यह हमला करे। आतंकी संगठन मकसद कश्मीर की तरह जम्मू में भी दहशत का माहौल पैदा करना था। आतंकी सरगना ने उसे खास हिदायत दे रखी थी कि वह कश्मीर में सुरक्षाबलों के काफिले पर हमला नहीं करेगा। जवाहर सुरंग पार करने के बाद सीआरपीएफ का काफिला जम्मू संभाग में दाखिल होगा तो मौका देखकर कार किसी बड़े वाहन को टक्कर मारते हुए धमाका करना है।महानिदेशक डॉ. दिलबाग सिंह ने बताया कि जब कार बम का ट्रिगर सही तरीके से नहीं चला और धमाका ठीक से नहीं हुआ। कार ने आग पकड़ ली। उवैस कुछ घबरा गया। वह जान बचाने के लिए तुरंत कार से बाहर निकला। उसके हाथ व शरीर के अन्य भाग भी झुलस गए। कार से निकलने के बाद उसने अपनी स्वेटर वहीं कुछ दूरी पर फेंकी थी। वह भी बरामद की है। वारदातस्थल से कुछ किलोमीटर की दूरी पर एक खेत में वह छिपा रहा था। महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया कि उवैस नाबालिग नहीं है। उसकी पूरी स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल बोर्ड भी बनाया जाएगा।जिला शोपियां के वेईल गांव का उवैस अमीन बीते साल ही आतंकी बना है। आतंकी बनने से पहले वह श्रीनगर के एक कॉलेज में कथित तौर पर बीबीए का छात्र था। शुरू में वह जैश-ए-मोहम्मद के साथ जुड़ा और कुछ समय पहले उसने जैश से नाता तोड़ हिजबुल मुजाहिदीन का दामन थाम लिया था।