फ्लाइट में पत्रकार अर्णब गोस्वामी से बदसलूकी करने वाले तथाकथित कॉमेडियन कुनाल कामरा पर 4 एयरलाइंस ने बैन लगाया।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : पत्रकार और रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी के साथ इंडिगो की फ्लाइट में बदसलूकी करने वाले तथाकथित कॉमेडियन कुणाल कामरा पर इंडिगो समेत 4 एयरलाइंस ने प्रतिबंध लगा दिया है। दो अन्य भी एयरलाइंस कामरा पर प्रतिबन्ध लगाने पर विचार कर रही हैं। इंडिगो की मुंबई से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट 6ई5317 में कुणाल ने अर्णब से सवाल पूछे थे और इसका वीडियो शेयर किया था। इसके बाद इंडिगो ने कुणाल पर बैन लगा दिया। उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि दूसरों की यात्रा में खलल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और दूसरी एयरलाइंस भी इंडिगो की तरह ही एक्शन लें। इंडिगो ने कुणाल पर 6 महीने का प्रतिबंध लगाया है।
उड्डयन मंत्रालय की अपील के बाद एयर इंडिया, स्पाइसजेट और गो एयर ने कुणाल पर बैन लगा दिया। एयर एशिया और विस्तारा भी इस मामले पर विचार कर रही हैं। इस बीच, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा के समर्थन में आ गए। उन्होंने ट्वीट किया, कुणाल कामरा पर चार एयरलाइंस के जरिए पाबंदी लगाना, एक डरपोक आदमी का काम है, जो सरकार में अपनी पैठ का इस्तेमाल करके एक आलोचक को चुप कराना चाहता है।” राहुल गांधी ने आगे लिखा, ‘‘जो लोग अपने न्यूज़ कैमरे को चौबीसो घंटे प्रचार के लिए इस्तेमाल करते हैं, जब उनकी तरफ कैमरे का रुख़ किया जाता है तो उन्हें भी थोड़ा स्पाइन दिखाना चाहिए।’’ यह मेरे लिए जरा भी चौंकाने वाला नहीं है कि बोलने की आजादी के अपने अधिकार के इस्तेमाल के चलते 3 एयरलाइन ने मेरी विमान यात्रा पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। वास्तविकता यह है कि मैंने किसी भी मौके पर बाधा नहीं पहुंचाई। कहीं भी ऐसा नहीं रहा, जब मैंने केबिन क्रू और कैप्टन के निर्देशों का पालन न किया हो। विमान में सवार किसी भी यात्री की सुरक्षा को खतरे में नहीं डाला। अगर मैंने किसी को कुछ नुकसान पहुंचाया तो वह है “पत्रकार’ अर्णब गोस्वामी के अहम को। कुणाल ने प्रतिबंध लगाए जाने पर ट्विटर पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पाइसजेट द्वारा बैन किए जाने का फैसला ट्विटर पर शेयर किया और लिखा, “मोदीजी मैं पैदल चल सकता हूं, या उस पर भी बैन है?” विस्तारा को हैशटैग करते हुए लिखा, “अरे बैन कर ही दो यार। मैं आप पर कोई राय नहीं बनाऊंगा। मैं ड्राइव करके गोवा निकलने का प्लान बना रहा हूं। थोड़ा ब्रेक लेना भी बनता है।”
मुंबई में रहने वाले कुणाल कामरा सरकार और कुछ मीडिया चैनलों की आलोचना करते रहे हैं। इंडिगो की फ्लाइट के दौरान उन्होंने अर्णब से पूछा था- “आप कायर हैं या पत्रकार? दर्शक जानना चाहते हैं कि आज आप कायर हैं या देशभक्त? अर्णब यह देशहित के लिए है। मैं टुकड़े-टुकड़े गैंग का हिस्सा हूं। आप मेरी बातों का खंडन कीजिए। आपको बताना चाहिए कि नरेंद्र मोदी के हाथों में देश सुरक्षित है।”
कुणाल ने इस घटना का वीडियो शेयर कर लिखा, “मैंने यह अपने हीरो रोहित (वेमुला) के लिए किया।” उन्होंने ट्वीट कर बताया कि लखनऊ से मुंबई वापस लौटते वक्त भी वे अर्णब के साथ फ्लाइट में थे। तब भी उन्होंने बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन अर्णब ने उन्हें दूर हटा दिया था।
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडिगो को रीट्वीट करते हुए लिखा- ”एयरलाइंस में आपत्तिजन व्यवहार और दूसरों की यात्रा में खलल डालना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। अन्य यात्रियों की सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जाता है। ऐसे में हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचता। मेरी सलाह है कि बाकी एयरलाइंस को भी ऐसा ही प्रतिबंध लगाना चाहिए।”
कामरा पर प्रतिबंध को लेकर सोशल मीडिया में डिबेट शुरू हो गई। यह मुद्दा बुधवार को ट्विटर के टॉप ट्रेंड में भी आया। कई यूजर्स ने एयरलाइन कंपनियों पर यात्रियों के साथ दोहरा रवैया रखने का भी आरोप लगाया। एक यूजर ने रिपब्लिक चैनल की एक रिपोर्टर का पुराना वीडियो शेयर किया कि कैसे वह एक फ्लाइट में राजद नेता तेजस्वी यादव से सवाल पूछ रहती हैं। लेकिन कार्रवाई सिर्फ कॉमेडियन के खिलाफ होती है। तेजस्वी ने खुद यही वीडियो ट्वीट किया।
2017 में सरकार ने फ्लाइट में हंगामा करने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए नियम तय किए थे। इसके मुताबिक, अगर कोई एयरलाइन यात्री पर ट्रैवल बैन लगाती है तो दूसरी एयरलाइन भी ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं हैं। पहली कैटेगरी में धमकी भरे इशारे, शाब्दिक शोषण जैसे शांति तोड़ने वाले बर्ताव को रखा गया है। इसमें दोषी पाए जाने पर यात्री पर 3 महीने तक बैन लगाया जा सकता है।
दूसरी कैटेगरी में इसमें शारीरिक शोषण जैसे- धक्का देना, पैर मारना, जकड़ लेना, यौन शोषण या गलत तरीके से छूना शामिल है। ऐसा करने पर यात्री पर 6 महीने तक बैन लगाया जा सकता है।
तीसरी कैटेगरी में ऐसे बर्ताव को शामिल किया गया जिससे केबिन स्टाफ की जान को खतरा पैदा होता हो। इसमें 2 साल या इससे ज्यादा वक्त तक बैन लगाया जा सकता है।