(न्यूज़लाइवनाउ-Noida) नोएडा में हुए हालिया उपद्रव को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी एसटीएफ के अनुसार, इस हिंसा के पीछे दिल्ली के एक चर्चित विश्वविद्यालय के कुछ छात्र और एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं की भूमिका सामने आई है। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने श्रमिकों को उकसाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक रूप देने की कोशिश की।
सूत्रों के मुताबिक, जब नोएडा में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, उसी दौरान एक छात्र समूह वहां पहुंचा और उन्होंने मजदूरों के बीच भड़काऊ माहौल बनाया। आरोप है कि इसी समूह ने वाहनों में आग लगाने और पुलिस पर हमला करने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। उनके साथ एक राजनीतिक दल से जुड़े कुछ लोग भी मौजूद थे, जिन्होंने मजदूरों को आक्रामक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने सख्ती दिखाई, जिसके बाद कई संदिग्ध वापस दिल्ली की ओर भागने लगे। हालांकि, पुलिस ने कुछ लोगों को मेट्रो स्टेशनों से पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि उनका उद्देश्य मजदूरों के आंदोलन को उग्र बनाना था।
जांच में यह भी सामने आया कि यही समूह हरियाणा के मानेसर में हुए प्रदर्शन के दौरान भी सक्रिय था और वहां भी लोगों को भड़काने का प्रयास किया गया था। इसके अलावा, एजेंसियां उन व्हाट्सएप ग्रुप्स की भी जांच कर रही हैं, जिनके जरिए मजदूरों को उकसाने की योजना बनाई गई थी।
अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में शामिल लोगों की पहचान तेजी से की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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