(न्यूज़लाइवनाउ-UP) उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया। न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद हालात बिगड़ गए और पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। इसी दौरान मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) का एक व्यक्ति को पुलिस वाहन के अंदर थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
न्याय की मांग को लेकर हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी छात्रा की हत्या के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, त्वरित जांच और शीघ्र न्याय की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि घटना को काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पीड़ित परिवार को संतोषजनक न्याय नहीं मिला है। इसी मुद्दे को लेकर लोग प्रशासनिक अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए एकत्र हुए थे।
प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। पुलिस ने दावा किया कि भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उन पर लाठीचार्ज किया गया और बल का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान कई लोगों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
घटनास्थल से सामने आए एक वीडियो में मेरठ के एसएसपी पुलिस वाहन के भीतर बैठे एक व्यक्ति को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रशासन का पक्ष
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी थी, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निगरानी की जा रही है और किसी भी तरह की अव्यवस्था फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी लगातार छात्रा के हत्यारों को कठोर सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
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