दिल्ली में अवैध कब्जों पर सख्ती: DDA को ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

(न्यूज़लाइवनाउ-Delhi) दिल्ली में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि DDA की जमीनों पर होने वाले अवैध कब्जों और बिना अनुमति किए गए निर्माण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 

उप-राज्यपाल की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में DDA के अधिकार क्षेत्र में मौजूद अतिक्रमण, अनधिकृत निर्माण और मौजूदा प्रवर्तन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन इमारतों में स्वीकृत नक्शे से गंभीर स्तर पर विचलन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान भवन विभाग को विशेष अभियान चलाकर ऐसे भवनों की पहचान करने का निर्देश दिया गया, जहां स्वीकृत निर्माण योजना का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हुआ है। यदि किसी परियोजना में गंभीर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित भवन पर कार्रवाई के साथ-साथ जिम्मेदार वास्तुकार (आर्किटेक्ट) को DDA के पैनल से हटाने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। 

इसके अलावा, भूमि पूलिंग क्षेत्रों और दिल्ली विकास अधिनियम, 1957 के तहत अधिसूचित विकास क्षेत्रों में DDA की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों और निर्माण को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने DDA की फ्लाइंग स्क्वॉड और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को ऐसे मामलों की पहचान तेज करने और तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

 दिल्ली सरकार पहले से ही अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है। इसी क्रम में राजस्व विभाग, नगर निगम (MCD) और DDA जैसी एजेंसियां संयुक्त रूप से शहरभर में निरीक्षण, सीलिंग, ध्वस्तीकरण और नोटिस जारी करने जैसी कार्रवाई कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल मौजूदा अवैध निर्माण हटाना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर स्थायी रोक लगाने के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित करना भी है। 

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