उत्तराखंड में यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे पर पहाड़ से गिरा मलबा, यात्रा से पहले सड़क की स्थिति जांचने की अपील

(न्यूज़लाइवनाउ-Uttarakhand) प्रदेश में लगातार जारी बारिश ने चारधाम यात्रा की राह में एक बार फिर मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है और सड़क पर मलबा व बड़े पत्थर आने से यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी है।

यमुनोत्री हाईवे पर कई जगह रास्ता बंद

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी, जंगलचट्टी, बनास और बाड़िया के आसपास भूस्खलन के कारण सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए हैं। इसके चलते इन हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ है।

राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी टीमें मशीनों की मदद से मलबा हटाने और रास्ते को दोबारा यातायात के लिए खोलने में जुटी हैं। अधिकारियों की निगरानी में सड़क बहाली का काम लगातार चल रहा है।

गंगोत्री मार्ग भी हुआ प्रभावित

बारिश का असर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी देखने को मिला है। हाईवे के हेल्गूगाड़ के पास मलबा आने से मार्ग बाधित हो गया। सड़क को सुचारु करने के लिए संबंधित विभाग की टीमों ने काम शुरू कर दिया है।

पर्वतीय मार्गों पर अचानक पत्थर गिरने और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार, 3 अगस्त को उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून के अलावा रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

इसके साथ ही प्रदेश के अन्य इलाकों में भी तेज बारिश के दौर के साथ बिजली चमकने और बादलों के गरजने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है और 8 अगस्त तक प्रदेश के मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है।

यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह

चारधाम यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं से प्रशासन ने अपील की है कि वे बिना मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लिए आगे न बढ़ें। खासकर बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

अचानक होने वाले भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने से यातायात कभी भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

रविवार को पहाड़ों में हुई तेज बारिश

रविवार को भी उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि मैदानी इलाकों में अपेक्षाकृत सूखा मौसम रहने से उमस और गर्मी का असर महसूस हुआ।

देहरादून में सुबह साढ़े आठ बजे से शाम पांच बजे तक 0.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब दो डिग्री अधिक 32.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

यमुनोत्री और गंगोत्री मार्गों पर मलबा हटाने का काम जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता जल्द से जल्द यातायात बहाल करने के साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लगातार बारिश के बीच फिलहाल श्रद्धालुओं को परिस्थितियों का आकलन करके ही चारधाम की ओर रवाना होने की सलाह दी गई है।

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