चेन्नई: हिंदू आतंक पर बयान देने के मामले में अभिनेता कमल हासन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500, 511, 298, 295 (ए) और 505 (सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है. राजनीति में आने का संकेत दे चुके हासन ने बीते गुरुवार (2 नवंबर) को हिंदू चरमपंथ की आलोचना करते हुये दावा किया था कि दक्षिणपंथी समूहों ने हिंसा का दामन इसलिये थामा क्योंकि उनकी पुरानी ‘रणनीति’ ने काम करना बंद कर दिया है. हासन ने तमिल पत्रिका ‘आनंद विकटन’ के हालिया अंक में अपने स्तंभ में आरोप लगाया कि दक्षिण पंथी संगठनों ने अपने रुख में बदलाव किया है, हालांकि उन्होंने इसमें किसी का नाम नहीं लिया है.
उन्होंने कहा था, ‘पूर्व में हिंदू दक्षिण पंथी, दूसरे धर्म के लोगों के खिलाफ हिंसा में शामिल हुये बगैर, उनको अपनी दलीलों और जवाबी दलीलों से हिंसा के लिये मजबूर करते थे.’ हासन ने लिखा कि हालांकि ‘यह पुरानी साजिश’’ विफल होनी शुरू हो गयी, तब यह समूह हिंसा में शामिल हो गये.
तमिल फिल्म अभिनेता ने लिखा, ‘चरमपंथ किसी भी तरीके से उनके लिये सफलता या विकास (का मानक) नहीं हो सकता जो खुद को हिंदू कहते हैं.’ हाल ही में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से मुलाकात करने वाले हासन ने मार्क्सवादी नेता द्वारा उठाये गये उस सवाल का जवाब भी दिया जिसमें उन्होंने पूछा था कि अभिनेता ‘हिंदूवादी ताकतों द्वारा धीमी घुसपैठ के जरिये द्रविड संस्कृति को कमजोर करने’ के बारे में क्या सोचते हैं.
विजयन ने कहा, ‘…हाल के समय में…हम देख सकते हैं कि नस्ली भेदभाव और प्रतिक्रियावाद तमिलनाडु में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रहा है.’ अभिनेता ने जवाब दिया, ‘सत्य की जीत होने के विश्वास का दरकना और…ताकत सफल हो जायेगी और हम सबको बर्बर बना देगी.’ एक वक्त दार्शनिक अंदाज में हासन ने कहा, ‘परिवर्तन अपरिवर्तनीय है’.