(न्यूज़लाइवनाउ-Maharashtra) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के बीच संभावित गठबंधन को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं, हालांकि अब तक किसी भी दल ने इस पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है।
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत न मिलने से राजनीतिक समीकरण काफी दिलचस्प हो गए हैं। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि यहां की राजनीति जल्द ही नया मोड़ ले सकती है। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट और राज ठाकरे की MNS मिलकर नगर निगम में सत्ता संभाल सकते हैं और अपना मेयर बना सकते हैं।
बीते कुछ दिनों से MNS और शिंदे खेमे के बीच लगातार बातचीत चल रही है। हालांकि गठबंधन को लेकर अब तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन अगर यह समझौता होता है तो BJP और उद्धव ठाकरे गुट दोनों को बड़ा झटका लग सकता है।
एक साथ पहुंचे पार्षद
इस गठबंधन की चर्चाएं उस वक्त और तेज हो गईं, जब बुधवार, 21 जनवरी को MNS के 5 और शिंदे गुट के 53 पार्षद एक ही समय पर कोंकण डिविजनल कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। दोनों दलों के पार्षदों का ग्रुप रजिस्ट्रेशन के लिए एक साथ पहुंचना केवल संयोग है या कोई सोची-समझी रणनीति—इस पर सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पर है।
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में मेयर पद के लिए 62 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। शिंदे गुट के पास फिलहाल 53 पार्षद हैं। BJP के पास 50 पार्षद हैं।
सूत्रों का कहना है कि शिंदे गुट उद्धव गुट के कुछ पार्षदों को भी अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, पहले ठाकरे खेमे से MNS में आए पार्षद भी इस समीकरण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में MNS के पार्षदों की संख्या बढ़कर 7 हो सकती है।
नेताओं की मुलाकात ने बढ़ाई हलचल
जब शिंदे गुट और MNS के पार्षद कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, तो उनकी मुलाकात MNS नेताओं श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के और राजू पाटिल से हुई। इस मुलाकात की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
इस दौरान सांसद श्रीकांत शिंदे ने संकेत देते हुए कहा कि MNS ने शिंदे गुट को समर्थन दिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी विकास के एजेंडे के साथ आएगा, उसे साथ लेकर चला जाएगा।
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