(न्यूज़लाइवनाउ-Bihar) गुरुवार की देर शाम एनएच-333ए पर शेखपुरा-सिकंदरा मुख्य मार्ग के पास एक भयावह सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक तेज़ रफ़्तार कार नियंत्रण खो बैठी और लगातार तीन ई-रिक्शाओं में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
इन रिक्शाओं में सवार लोग अपनी-अपनी गंतव्य की ओर जा रहे थे, तभी अचानक इतनी भीषण ठोकर लगी कि वाहन सड़क के किनारे पलट गया और सवारियों में हड़कम्प मच गया। इस दुर्घटना में लगभग 18 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
6 की हालत गंभीर
घायलों में बुज़ुर्ग, महिलाएं, बच्चे और परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थी भी शामिल हैं। सभी घायलों को तुरंत सदर अस्पताल शेखपुरा में पहुँचाया गया, जहाँ हड़कम्प की स्थिति बनी रही।
चोटिलों में से 6 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए PMCH पटना रेफर किया गया, बाकी का उपचार सदर अस्पताल में जारी है। अस्पताल में परिजनों की भीड़ उमड़ पड़ी और घायल मित्र-परिवार को पहचानने की कोशिश में हालात और भावनात्मक हो गए।
घायलों की पहचान
पुलिस और अस्पताल के बायोडाटा के अनुसार घायल हुए लोग गांवों जैसे मनीयंडा, बजरंगबीघा, जलालपुर, अहियापुर और गिरिहिंडा के निवासी हैं। उनमें छोटे उम्र के किशोर और वरिष्ठ नागरिक दोनों शामिल हैं, जिनके नाम निम्नलिखित हैं:
- वरजीत कुमार, राजकुमार, सुनीता देवी
- विशुनदेव पासवान, नंद किशोर शर्मा
- केशवा देवी, रीता देवी, लव कुश कुमार
- मालिनी कुमारी, गायत्री देवी, ज्योति कुमारी, पुष्पा कुमारी
- मुन्ना पंडित, संजय कुमार, स्वीटी कुमारी, कारो लाल यादव, दिलखुश कुमार
- एक अज्ञात बुज़ुर्ग महिला भी घायल मिली
हादसे के पीछे का कारण
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि दुर्घटना से पहले सड़क पर एक भारी मात्रा में गिट्टी और पत्थर बिखरे हुए थे। यह सब एक गिट्टी लदे ट्रक के ढेले का खुलने की वजह से सड़क पर फैल गया था।
करीब 100 मीटर तक पत्थर फैलने से वाहन लेन बदलकर दूसरी लान में आ रहे थे, जिससे सामने-से टक्कर जैसी स्थितियाँ बन रही थीं।
हालांकि सुबह से गिट्टी बिखरी थी, फिर भी प्रशासन या यातायात विभाग ने उसे साफ नहीं कराया, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया।स्थानीय लोग प्रशासन पर सड़क सुरक्षा अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं और लापरवाही के लिए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घटना के बाद लगभग तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें कई वाहन फँसे रहे। पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से रोड से पत्थर हटवाकर यातायात बहाल किया।
जिलाधिकारी शेखर आनंद, एसपी बलराम कुमार चौधरी, एसडीपीओ, एसडीएम समेत अन्य अधिकारी घायल लोगों से मिलने अस्पताल पहुँचे। अधिकारियों ने चिकित्सा टीम को बेहतर उपचार के निर्देश दिए और ट्रैफिक व्यवस्थाओं में लापरवाही पर संबंधित विभागों को चेतावनी दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग पहले भी दुर्घटनाप्रवण रहा है। तीन माह पहले भी इसी मार्ग पर एक बड़ा हादसा हो चुका है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते सड़क को साफ कर दिया जाता, तो यह भयावह दुर्घटना टाली जा सकती थी. वे प्रशासन से बेहतर सुरक्षा पहल की मांग कर रहे हैं।
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