अयातुल्लाह अली खामेनेई ने देश की रोज़मर्रा की शासन प्रणाली पर नियंत्रण अपने वरिष्ठ सलाहकार अली लारिजानी को सौंपा

 (न्यूज़लाइवनाउ-Iran) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने देश की रोज़मर्रा की शासन प्रणाली पर नियंत्रण अपने वरिष्ठ सलाहकार अली लारिजानी को सौंप दिया है, जिससे राष्ट्रपति कार्यालय की भूमिका अपेक्षाकृत कमजोर दिख रही है।

इस बदलाव के तहत लारिजानी, जो आज ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव हैं, राज्य के महत्वपूर्ण फैसलों को लेने में अब केंद्रिय भूमिका निभा रहे हैं, खासकर तब जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव ऊँचे स्तर पर पहुँच चुका है।

देश में कूटनीतिक गतिरोध

विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम ऐसे समय में आया है जब ईरान अमेरिका के साथ संभावित सैन्य टकराव और बढ़ते भू-राजनीतिक दबाव की चुनौतियों का सामना कर रहा है। देश में कूटनीतिक गतिरोध, घरेलू विरोध और आर्थिक कठिनाइयों ने खामेनेई के शासन को दबाव में डाल दिया है।

अली लारिजानी, एक अनुभवी राजनेता और सुरक्षा विशेषज्ञ, अब न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी रणनीतियाँ तैयार कर रहे हैं बल्कि शासन के दैनिक प्रशासनिक कार्यों में भी निर्णायक भूमिका रख रहे हैं। इससे राष्ट्रपति मसनूद पेज़ेशकियान की भूमिका अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही है, जिन्होंने हाल ही में अपने कार्यकाल के शुरुआती साल में अनेक चुनौतियों का सामना किया।

यह परिवर्तन ईरान के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका-ईरान संबंधों में तल्खी के बीच तेहरान की नीतियों और सैन्य निर्णयों पर खामेनेई और लारिजानी दोनों का गहरा असर रहेगा।

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