PNB बैंक करने जा रहा है ये बड़े बदलाव, महाघोटाले के बाद बैंक उठा रहा ये कदम

जानकारी के अनुसार पीएनबी ने मुंबई में एक ट्रेजरी डिवीजन भी बनाई है। जिसका काम होगा कि बैंक की ओर से भेजे गए स्विफ्ट मैसेजस की दोबारा जांच करें।

(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) : PNB महाघोटाले के बाद पंजाब नेशनल बैंक सर्तक हो गया। बैंक के डेढ़ लाख से ज्यादा कर्मचारियों पर ट्रांसफर की तलवार लटक रही है। पैसों की सुरक्षा को देखते हुए पीएनबी बैंक में कुछ बड़े बदलाव करने जा रहा है । बैंक अपने Swift नेटवर्क में बदलने की तैयारी कर ली है करने जा रही है। SWIFT यानि Society for Worldwide Interbank Financial Telecommunications, जिसमें दुनियाभर के बैंक ‘एक कोड सिस्टम’ के जरिए वित्तीय लेनदेन का सुरक्षित आदान प्रदान करते हैं। SWIFT के जरिए किसी एक पूरे बैंक को धराशाही किया जा सकता है। मैकर, चैकर और वेरिफायर SWIFT में बहुत बड़ा रोल प्ले करते हैं। मैकर सिस्टम में मैसेज डालता है, चैकर उन मैसेजस की जांच करता है और वेरीफायर इन दोनों प्रक्रियाओं की जांच कर वेरीफाय करता है।बैंक की ओर से मुहैया कराई गई जानकारी के अनुसार Swift नेटवर्क को अब सिर्फ अधिकारी ही देखेंगे। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि अब Swift की जानकारी क्लर्क स्तर के अधिकारियों को नहीं होगी। गौरतलब है कि नीरव मोदी मामले में अब तक 2 बैंक कर्मचारियों समेत 10 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आइए आपको बताते हैं कि पीएनबी ने अपने Swift सिस्टम में कौन से बड़े बदलाव किए हैं ताकि आगे से ऐसे फ्रॉड को अंजाम ना दिया जा सके।
बैंक ने फैसला लिया है कि अब Swift के जरिए किए जाने वाले ट्रांजैक्शन के दौरान अफसर की लिमिट तय करने का फैसला लिया है।
जानकारी के अनुसार पीएनबी ने मुंबई में एक ट्रेजरी डिवीजन भी बनाई है। जिसका काम होगा कि बैंक की ओर से भेजे गए स्विफ्ट मैसेजस की दोबारा जांच करें। अगर मैसेज किसी भी परस्थिति में रिजेक्ट हो जाए तो उसे ऑडिट के लिए रिकॉर्ड में रखा जाएगा।

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