अंतरराष्ट्रीय संस्था एफएटीएफ कर सकती है पाक को ब्लैकलिस्ट, नहीं मिलेगी आर्थिक मदद
एफएटीएफ जून और अक्टूबर में फिर से समीक्षा करेगा।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर नहीं किया है। एफएटीएफ ने शुक्रवार को कहा कि पाक ने टेरर फंडिंग रोकने के लिए पर्याप्त कोशिश नहीं की। उसने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान आतंकी फंडिंग रोकने के एक्शन प्लान को मई तक पूरा कर ले। एफएटीएफ जून और अक्टूबर में फिर से समीक्षा करेगा।न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, एफएटीएफ को लगेगा कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान की भूमिका थी तो वह पाक को ब्लैकलिस्ट कर सकता है। पाकिस्तान ब्लैकलिस्ट होता है तो उसे आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक और यूरोपियन यूनियन जैसे अंतरराष्ट्रीय कर्जदाता डाउनग्रेड कर सकते हैं। इससे पाकिस्तान को उनसे फंडिंग नहीं मिल पाएगी।एफएटीएफ ने पिछले साल जून में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला था। वह इससे बाहर आने की कोशिश में जुटा हुआ था। पेरिस में हुई एफएटीएफ की बैठक में भारत ने पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ डॉजियर पेश किया था। 17 से 22 फरवरी तक हुई बैठक में 38 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।पाकिस्तान भारी कर्ज में दबा हुआ है। उस पर 13.70 लाख करोड़ रुपए (27 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए) से ज्यादा का कर्ज है। सऊदी अरब और यूएई ने उसे निवेश का भरोसा दिया है। लेकिन, एफएटीएफ पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कर देगा तो वह बड़े आर्थिक संकट में फंस जाएगा जिससे उबरना मुश्किल होगा।