राजस्थान : कीटनाशक बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग, फैक्ट्री हुई ख़ाक

आग सुबह चार बजे लगी। शाम छह बजे तक आग बुझाने के प्रयास जारी थे

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : कोटपूतली के पनियाला थाना अंतर्गत केशवाना के औद्योगिक क्षेत्र स्थित धानुका लेबोरेट्री फैक्ट्री में रविवार तड़के भीषण आग लग गई। मौके पर एक के बाद एक 16 दमकलों को लगाया गया। आग सुबह चार बजे लगी। शाम छह बजे तक आग बुझाने के प्रयास जारी थे। पुलिस ने आस-पास का इलाका खाली करा लिया।पनियाना के थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि धानुका लेबोरेट्री फैक्ट्री के वेयर हाउस में रविवार तड़के को आग लग गई। आग वहां रखे केमिकल ड्रमों तक पहुंच गई और देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने धुआं उठता देखा तो आग का पता चला। उन्होंने इसकी सूचना कंपनी प्रबंधन तथा पुलिस को दी। थोड़ी देर में ही वहां दमकल की दो गाड़ी पहुंच गई, लेकिन तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। इस पर शाहपुरा, भिवाड़ी, नीमराणा, कोटपूतली, ग्रासिम इंडस्ट्री कोटपूतली, जयपुर, सांध्यापुर से कुल 13 दमकलों को बुलाया गया।कंपनी फसलों में काम आने वाला कीटनाशक बनाती है। इसमें केमिकल का उपयोग होता है। आग वहां रखे केमिकलों के ड्रामों तक पहुंच गई जिसमें धमाके होने शुरू हो गए। रह रह कर हो रहे धमाकों से कई किलोमीटर तक का इलाका दहल उठ उठा।हादसे के समय कंपनी में कोई मजदूर नहीं था। वेयरहाउस से धुआं उठने पर ही आग का पता चला। लेकिन फैक्ट्री के वेयरहाउस में रखे केमिकल ड्रामों में लगी आग पर काबू पाना नामुमकिन बना हुआ है। वहीं पनियाला थाना अधिकारी पवन कुमार भी मय जाप्ते मौके पर पहुंच गए हैं। सबसे बड़ी लापरवाही फैक्ट्री प्रबंधन की सामने आ रही है। अत्यंत ज्वलनशील केमिकल एवं पदार्थों से निर्मित एग्रीकल्चर दवाओं का उत्पादन करने के बावजूद फैक्ट्री के अंदर कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं है। ना तो पानी की व्यवस्था है और ना ही फाइल्स की। फैक्ट्री के अंदर किसी भी प्रकार की सुविधा और सुरक्षा के उपकरण संचालित नहीं है।फैक्ट्री के चारों तरफ होने को तो पानी की पाइपलाइन है। लेकिन उसमें पानी की एक बूंद भी नहीं है। ऐसे में फैक्ट्री प्रबंधन पर सवाल उठना लाजमी है। सुरक्षा और सेफ्टी विभाग व फैक्ट्री प्रबंधन की मिलीभगत का पूरा खेल सामने आ गया।

Leave A Reply