लाहौर. मुंबई हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद को गुरुवार को नजरबंदी से रिहा कर दिया गया। हाफिज ने रिहाई का जश्न बाकायदा केक काटकर मनाया। उसने कहा कि कश्मीर की आजादी के लिए लड़ता रहूंगा। बुधवार को लाहौर हाईकोर्ट ने हाफिज की रिहाई का ऑर्डर दिया था, इसके बाद गुरुवार रात उसे रिहा कर दिया गया।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक रिहाई के बाद हाफिज ने कहा, “10 महीने तक मुझे इसलिए कैद किया गया था, ताकि कश्मीर को लेकर मेरी आवाज दबाई जा सके।”
हाफिज ने कहा- मैं कश्मीरियों और कश्मीर की आजादी के लिए लड़ता रहूंगा। कश्मीर के लिए मैं पूरे पाकिस्तान से लोगों को इकट्ठा करता रहूंगा। हमारी कोशिश रहेगी कि कश्मीरी आजादी के अपने मकसद में कामयाब हो सकें।हाफिज ने कहा- मुझे खुशी है कि मेरे खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हो सका। लिहाजा, हाईकोर्ट के तीन जजों ने रिहाई का ऑर्डर दे दिया।
हाफिज ने कहा-भारत मुझ पर आधारहीन आरोप लगाता रहा है। कोर्ट का फैसला मेरी बेगुनाही साबित करता है। मुझे अमेरिका के दबाव में नजरबंद किया गया था। इसके लिए भारत सरकार ने अमेरिका से गुहार लगाई थी।
हाफिज की रिहाई का उसके समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। सैकड़ों जमात-उद-दावा समर्थक लाहौर में हाफिज के घर पर इकट्ठा हुए और उन्होंने भारत विरोधी नारे लगाए। जमात के स्पोक्सपर्सन अहमद नदीम ने कहा, “हमें खुशी है कि हमारे नेता को आजाद कर दिया गया। जेल अफसरों ने उन्हें रिहाई का ऑर्डर दे दिया।”
रिहाई पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने जताई नाराजगी:
हाफिज सईद की पाकिस्तान में रिहाई पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने नाराजगी जताई। MEA स्पोक्सपर्सन रवीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि हाफिज की रिहाई एक आतंकवादी को मुख्यधारा में लाने की पाकिस्तान की कोशिश है, जिसे यूनाइटेड नेशन्स ने बैन किया है।