पाकिस्तान को उसकी कारगुजारियां का जवाब देने के लिए भारत ने एक बार फिर से सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है। इस बार यह जवाबी कार्रवाई जम्मू संभाग के पुंछ जिले के चकना दा बाग सेक्टर में स्थित रिहायशी इलाके पर हुई गोलाबारी का नतीजा था। आपको बता दें कि भारतीय सेना ने इस तरह की कार्रवाई को चौथी बार अंजाम दिया है। सेना की इस कार्रवाई को बीते दिनों पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए भारतीय जवानों का बदला भी कहा जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारतीय सेना की तरफ से तब भी यह बात साफ कर दी गई थी कि इसका बदला जरूर लिया जाएगा लेकिन वक्त और जगह हम ही तय करेंगे। रक्षा जानकार और पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल और पूर्व उप सेना प्रमुख राज काद्यान भी इसको ऐसा ही मानते हैं।
ज्यादा अंदर तक नहीं गए जवान
काद्यान के मुताबिक इस कार्रवाई में भारतीय सेना के जवान ज्यादा अंदर तक नहीं गए होंगे क्योंकि उसके लिए समय अधिक चाहिए। लेकिन इस तरह की कार्रवाई हुई है। जनरल काद्यान का कहना है कि 2003 में रमजान के माह में पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर की बात कही गई थी। लेकिन उसके बाद भी पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी बार की जाती रही है। उन्होंने बताया कि भारत की तरफ से कभी भी इस तरह की पहल नहीं की जाती है और न ही हमारी इस तरह की पॉलिसी है। लेकिन दुश्मन की तरफ से हो रही फायरिंग या गोलाबारी का जवाब देना भारतीय सेना को बखूबी आता है। वही इस बार किया भी है। उन्होंने यहां तक कहा कि हमारे पास हर तरह के हथियार मौजूद हैं जिनसे हम अपनी जगह पर बैठकर ही दुश्मन केा ढेर कर सकते हैं।
रावलकोट के रुख चाकरी में हुई कार्रवाई
आपको बता दें कि नियंत्रण रेखा के पार रावलकोट के रुख चाकरी में हुई भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान के तीन जवान मारे गए हैं। इस कार्रवाई में सीमा पार कुछ जवान घायल भी हुए हैं और कई पाकिस्तानी चौकियां तबाह हो गई हैं। पाकिस्तान आर्मी के इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने भी इसकी जानकारी दी है। यह घटना पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में 59 बलूच यूनिट के 12 डिवीजन में हुई। एलओसी पर भारत का पुंछ क्षेत्र है।