साउथ अफ्रीका टूर : कोहली की 153 रन की पारी से भी नहीं जीता भारत

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने आज सेंचुरियन में हार के बाद कहा कि बल्लेबाजों की नाकामी के कारण उनकी टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज गंवानी पड़ी. भारत को दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के पांचवें दिन 135 रन से हार का सामना करना पड़ा, जिससे उसने तीन मैचों की सीरीज 0-2 से गंवा दी है. भारतीय टीम ने केपटाउन में पहला टेस्ट मैच 72 रन से गंवाया था.

कोहली ने खोया आपा

हार से बौखलाए कप्तान विराट कोहली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आपा खोते दिखाई दिए. सेंचुरियन टेस्ट में उनकी मनमानी प्लेइंग इलेवन को खिलाने के सवाल पर कप्तान विराट कोहली ने पत्रकारों से कहा, ‘आप मुझे बता दें कि बेस्ट प्लेइंग इलेवन क्या होती है. हम उसी के साथ खेलने के लिए तैयार हैं.’कोहली ने यह भी कहा कि हम नतीजों के हिसाब से प्लेइंग इलेवन नहीं चुनते.

बल्लेबाजों ने किया निराश

कप्तान कोहली ने कहा, ‘हम अच्छी भागीदारी करने और बढ़त बनाने में नाकाम रहे. हम हार के लिए खुद जिम्मेदार हैं. गेंदबाजों ने अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई, लेकिन बल्लेबाजों के कारण टीम को हार का मुंह देखना पड़ा.’

उन्होंने कहा, ‘हमने कोशिश की लेकिन हम बहुत अच्छे साबित नहीं हुए विशेषकर क्षेत्ररक्षण विभाग में.’ कोहली ने पहली पारी में 153 रन की लाजवाब पारी खेली. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने सेंचुरियन का विकेट समझने में गलती की.

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘हमें लगा कि विकेट सपाट है. यह हमारे लिए हैरानी भरा था. मैंने साथियों से कहा कि टॉस से पहले विकेट जैसा दिख रहा था, वह उससे भिन्न है. विशेषकर पहली पारी में दक्षिण अफ्रीका के विकेट गंवाने के बाद हमें उसका फायदा उठाना चाहिए था.’

पीटीआई के मुताबिक कोहली ने कहा, ‘मेरे लिए 150 ये अधिक रन कोई मायने नहीं रखते जबकि हम सीरीज गंवा चुके हैं. अगर हम जीत जाते तो 30 रन भी काफी मायने रखते. एक टीम के तौर पर आपको समूह के रूप में जीत हासिल करनी होती है.’

अफ्रीकी कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने कहा कि उनकी टीम ने मैच के पांचों दिन भारत पर दबदबा बनाए रखा. डु प्लेसिस ने कहा, ‘पिछले पांच दिनों में काफी कड़ी मेहनत करनी पड़ी लेकिन हमने हर दिन अपना पलड़ा भारी रखा.’

डु प्लेसिस ने कहा कि ‘पहले दिन आखिरी सत्र में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा लेकिन इसके बाद अगले चार दिन में खिलाड़ियों ने अपना जज्बा दिखाया और शानदार जीत दर्ज की.’

डुप्लेसिस ने कहा, ‘यह काफी कड़ा टेस्ट मैच था क्योंकि विकेट लेना आसान नहीं था. पहले दिन के बाद हम काफी निराश थे. हमने उस दिन आखिरी 45 मिनट में भारत को मौका दिया, लेकिन हमने सुनिश्चित किया और अगले चार दिन अपना जज्बा दिखाया.’

उन्होंने कहा, ‘हम पहली पारी में पर्याप्त रन नहीं बना पाए. हमें 400 रन बनाने चाहिए थे, लेकिन मेरे हिसाब से दूसरी पारी महत्वपूर्ण थी. हम स्कोर आगे बढ़ाते रहे और हम जानते थे कि 250 से अधिक का स्कोर चुनौतीपूर्ण होगा.’

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