आम आदमी को बजट में इनकम टैक्स में राहत नहीं मिली, म्यूचुअल फंड की कमाई पर भी लगेगा टैक्स

स्टैंडर्ड डिडक्शन लागू होने के बावजूद सैलरीड क्लास को महज 5,800 रुपये पर टैक्स कटौती का फायदा होगा, क्योंकि मौजूदा दोनों भत्ते (परिवहन और चिकित्सा) छीन लिए गए हैं. किसे कितना फायदा मिलेगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह कौन से टैक्स स्लैब में आते हैं.





(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) : बजट 2018 से नौकरीपेशा लोगों को बहुत उम्मीद थी. वह सरकार से बड़ी राहत की उम्मीद कर रहा था, लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सैलरीड क्लास को राहत देते हुए बजट में 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का ऐलान किया. दूसरी तरफ ट्रांसपोर्ट अलाउंस और मेडिकल रीइंबर्समेंट की सुविधा छीन ली. इसकी वजह से स्टैंडर्ड डिडक्शन लागू होने के बावजूद सैलरीड क्लास को महज 5,800 रुपये पर टैक्स कटौती का फायदा होगा, क्योंकि मौजूदा दोनों भत्ते (परिवहन और चिकित्सा) छीन लिए गए हैं। किसे कितना फायदा मिलेगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह कौन से टैक्स स्लैब में आते हैं. हालांकि पेशनर्स को पूरे 40 हजार रुपये पर फायदा मिलेगा।
म्यूचुअल फंड से होने वाली कमाई पर भी 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा. इसके अलावा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर भी 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
धारा 80डीडीबी के तहत कुछ विशेष गंभीर बीमारियों पर इलाज पर खर्च के लिए कटौती सीमा 60,000 रुपये (60 से 80 वर्ष की उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के मामले में) और 80,000 रुपये (80 वर्ष से अधिक उम्र के अति-वरिष्ठ नागरिकों के मामले में) से बढ़ाकर सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 लाख रुपये कर दी गई है। प्रधानमंत्री वय वंदना योजना की अवधि मार्च 2020 तक बढ़ाने का प्रस्ताव बजट में है।


Leave A Reply