(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : केंद्र, असम सरकार ने असम एनआरसी के अंतिम रूप के लिए उच्चतम न्यायालय से 31 जुलाई की समयसीमा बढ़ाने की मांग की। असम एनआरसी के मुद्दे पर केन्द्र और असम सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- “हमें एनआरसी में शामिल लोगों के लिए नमूना सत्यापन की प्रक्रिया पर फिर से विचार करने की जरूरत है।” केंद्र ने कहा कि असम में एनआरसी में गलत तरीके से कुछ लोगों को शामिल किये जाने और कुछ लोगों को उससे बाहर रखे जाने का पता लगाने के लिए 20 फीसद नमूना सर्वेक्षण के सत्यपान की अनुमति दी जाए। सरकार ने इस बात पर जोर देत हुए कहा कि लिस्ट में कुछ सुधार और कुछ नामों को जोड़े जाने की आवश्यकता है। केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि भारत दुनिया की शरणार्थी राजधानी नहीं बन सकता। केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि बांग्लादेश के साथ लगते जिलों में स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण लाखों लोगों को गलत रूप से असम एनआरसी में शामिल किया गया। केंद्र और असम सरकार एनआरसी में शामिल नागरिकों के नमूने के सत्यापन के लिए उच्चतम न्यायालय पहुंचे। केंद्र और राज्य सरकार का कहना है कि बांग्लादेश की सीमा से लगते इलाकों में गलत तरीके से लोगों को इसमें शामिल किया गया है।