(न्यूज़लाइवनाउ-Uttarakhand) उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से राज्यभर में 91 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। दूसरी ओर, प्रदेश के 11 बांधों और बैराजों में पानी का स्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बारिश के कारण सबसे अधिक असर पर्वतीय जिलों में देखने को मिल रहा है। चमोली जिले में 19 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा टिहरी में 17, पिथौरागढ़ में 10, उत्तरकाशी में एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 8 मार्ग, बागेश्वर में 4, अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग में 3-3, हरिद्वार में 4, चंपावत और देहरादून में 1-1 सड़क पर यातायात बाधित है। सड़कें खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां लगातार मलबा हटाने का कार्य कर रही हैं।
लगातार बारिश के चलते प्रदेश के 11 बांधों और बैराजों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था और उसमें लगातार वृद्धि दर्ज की गई। कोटेश्वर तथा रुद्रप्रयाग क्षेत्र में भी नदियों का बहाव काफी तेज बना हुआ है। बदरीनाथ क्षेत्र में अलकनंदा नदी का जलस्तर भी कुछ समय के लिए खतरे के करीब पहुंचा, हालांकि बाद में उसमें कमी दर्ज की गई। वहीं, ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल घटने की सूचना है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
भारी वर्षा और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों से भी अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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