कांवड़ यात्रा के बीच मेरठ पहुंचे सीएम योगी, शिवभक्तों पर बरसाए फूल; ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंजा मार्ग
(न्यूज़लाइवनाउ-UP) सावन की कांवड़ यात्रा के चरम के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को मेरठ पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान पूरा कांवड़ मार्ग भगवा रंग में नजर आया और शिवभक्तों के ‘बोल बम’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो गया।
मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर मोदीपुरम स्थित शोभित विश्वविद्यालय के हेलीपैड पर उतरा। इसके बाद वह सड़क मार्ग से दुल्हैड़ा चुंगी पहुंचे, जहां कांवड़ियों पर फूल बरसाए गए। सीएम का मेरठ दौरा करीब 30 मिनट का रहा। पुष्पवर्षा के बाद वह वापस शोभित विश्वविद्यालय के हेलीपैड पहुंचे और वहां से हेलिकॉप्टर के जरिए गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।
कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के दौरे और कांवड़ियों की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। शोभित विश्वविद्यालय से दुल्हैड़ा चुंगी तक जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों ने भी कार्यक्रम स्थल और कांवड़ मार्ग पर लगातार निगरानी बनाए रखी।
बिना अनुमति ड्रोन उड़ने से मचा हड़कंप
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में उस समय हलचल मच गई, जब मुख्यमंत्री के मंच के सामने एक ड्रोन काफी देर तक आसमान में उड़ता दिखाई दिया। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को जब पता चला कि ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं ली गई है तो संचालक की तलाश शुरू कर दी गई।
पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की और माइक के जरिए ड्रोन संचालक से तत्काल उसे नीचे उतारने की अपील की। घोषणा के कुछ देर बाद ड्रोन नीचे उतार लिया गया।
2 दिन हेलिकॉप्टर से होगी कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा
उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के स्वागत के लिए हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा का कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया है। 8 अगस्त को बागपत, सहारनपुर-मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर और मेरठ क्षेत्र में फूल बरसाए जाने की योजना है। इसके बाद 9 अगस्त को मेरठ से गाजियाबाद, गाजियाबाद से हापुड़, हापुड़ से बुलंदशहर और बुलंदशहर क्षेत्र में पुष्पवर्षा की जाएगी।
इस दौरान प्रशासन की प्राथमिकता कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही, यातायात नियंत्रण और मार्गों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण संबंधित जिलों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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